Cricket News: भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा के वनडे करियर को लेकर एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला अपडेट सामने आया है. हाल ही में न्यूजीलैंड दौरे के लिए बीसीसीआई की चयन समिति ने वनडे और टेस्ट सीरीज के वास्ते भारतीय स्क्वॉड का ऐलान किया है, जिसमें जडेजा को जगह नहीं दी गई है. इस फैसले के बाद से क्रिकेट गलियारों में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि क्या वनडे फॉर्मेट में इस स्टार खिलाड़ी का सफर अब हमेशा के लिए समाप्त हो चुका है.
न्यूजीलैंड दौरे के लिए टीम चयन के दौरान चयनकर्ताओं ने दो अलग-अलग वनडे स्क्वॉड चुने हैं क्योंकि टेस्ट सीरीज और वनडे मुकाबलों के बीच समय बहुत कम है. हालांकि, इन दोनों ही टीमों में रवींद्र जडेजा का नाम शामिल नहीं किया गया है. ऐसा माना जा रहा था कि टेस्ट सीरीज में व्यस्त होने की वजह से उन्हें कुछ मैचों से आराम दिया जा सकता है, लेकिन उन्हें शुरुआती तीन वनडे मुकाबलों के लिए भी उपयुक्त नहीं समझा गया. उनकी जगह टीम प्रबंधन ने अक्षर पटेल और युवा नमन धीर जैसे खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चयनकर्ताओं के इस सख्त रुख के पीछे की असली वजह साल 2027 में होने वाला आगामी वनडे वर्ल्ड कप है. बीसीसीआई और टीम मैनेजमेंट का फोकस अब पूरी तरह से भविष्य की रणनीति तैयार करने पर है, और ऐसा दावा किया जा रहा है कि रवींद्र जडेजा इस मेगा टूर्नामेंट की योजनाओं का हिस्सा नहीं हैं. यही वजह है कि टूर्नामेंट से पहले टीम में युवाओं को ज्यादा से ज्यादा मौके दिए जा रहे हैं ताकि वे खुद को साबित कर सकें.
रवींद्र जडेजा के पिछले कुछ समय के प्रदर्शन पर नजर डालें तो उनका बल्ला और गेंद दोनों ही उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं. साल 2025 से अब तक खेले गए 15 वनडे मैचों में उनके बल्ले से केवल 149 रन ही निकले हैं. इसके अलावा गेंदबाजी में भी उनका जादू फीका नजर आया है और उन्होंने इस अवधि में सिर्फ 14 विकेट चटकाए हैं, जिससे चयनकर्ताओं का भरोसा उन पर से कम हुआ है.
भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में जडेजा का संघर्ष मार्च 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल के बाद और अधिक बढ़ गया था. चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से उन्होंने 8 वनडे मुकाबलों में मात्र 3 विकेट हासिल किए हैं. साल 2026 में तो उनका खराब फॉर्म लगातार जारी रहा, जहां शुरुआती चार मैचों में वह पूरी तरह विकेट के लिए तरस गए और पांचवें मैच में जाकर उन्हें दो सफलताएं मिलीं. इन आंकड़ों को देखते हुए यह साफ लग रहा है कि टीम इंडिया अब आगे बढ़ने का मन बना चुकी है.










