Barabanki News: सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बाराबंकी जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जिलाधिकारी श्री ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि एल्गिन ब्रिज पर सरयू नदी का वर्तमान जलस्तर 106.170 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर ऊपर है। प्रशासन की ओर से नदी के जलस्तर और बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी की जा रही है।
जनपद में वर्तमान समय में 03 तहसीलों के 19 ग्राम बाढ़ से प्रभावित हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं। आपात स्थिति में सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और विभागों के बीच प्रभावी समन्वय के लिए जनपद एवं तहसील स्तर पर 24×7 बाढ़ नियंत्रण कक्ष सक्रिय किए गए हैं।

18 राहत शिविर स्थापित, 22 चिकित्सा टीमें गठित
बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जनपद में 18 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जिनमें वर्तमान में 01 राहत शिविर संचालित है। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 22 चिकित्सा टीमें गठित की गई हैं, जिनमें से 11 टीमें प्रभावित क्षेत्रों में कार्यरत हैं।
प्रशासन ने संबंधित विभागों को क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहने और प्रभावित लोगों तक समय से आवश्यक सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
रामसनेहीघाट में 2,000 राहत किट वितरित
बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए आज तहसील रामसनेहीघाट के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों सेमरी, बसंतपुर, सिकरी जीवल (आंशिक), उमरहरा एवं अतरसुईया में मा0 राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र शर्मा द्वारा 2,000 राहत किटों का वितरण किया गया।
मा0 मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित प्रत्येक पात्र परिवार तक राहत सामग्री समय से पहुंचे और कोई भी प्रभावित परिवार सहायता से वंचित न रहे।

243 नावें और 75 गोताखोर तैनात करने की व्यवस्था
बाढ़ की स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकालने और आपातकालीन राहत-बचाव कार्यों के लिए प्रशासन ने पर्याप्त संसाधनों की व्यवस्था की है। इसके तहत 75 गोताखोर, 243 नावें, 434 नाविक और 691 लाइफ जैकेट उपलब्ध कराए गए हैं।
आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त नावों और मोटरबोट की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी पहले से आवश्यक प्रबंध किए गए हैं, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य में देरी न हो।
अब तक 5,180 राहत किट वितरित
बाढ़ प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार राहत वितरण कराया जा रहा है। अब तक 5,180 राहत किटों का वितरण किया जा चुका है। प्रभावित लोगों को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी जनसुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता के लिए ऊंचे प्लेटफॉर्म वाले हैंडपंप और राजकीय नलकूपों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
3,860 लोगों का उपचार, 195 ग्रामों में लार्वीसाइडल का छिड़काव
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। अब तक 3,860 व्यक्तियों का उपचार किया जा चुका है। वहीं मच्छरों की रोकथाम के लिए 195 ग्रामों में लार्वीसाइडल का छिड़काव कराया गया है।
पशुपालन विभाग की टीमें भी प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सेवाएं दे रही हैं। अब तक 393 पशुओं का उपचार किया जा चुका है।

प्रशासन ने अधिकारियों को दिए लगातार निगरानी के निर्देश
जिलाधिकारी श्री ईशान प्रताप सिंह ने कहा कि बाढ़ की स्थिति में प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति तक समयबद्ध राहत और सहायता पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर भ्रमण करने, स्थिति पर लगातार निगरानी रखने और किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन की ओर से बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों और व्यवस्थाओं को सक्रिय रखा गया है तथा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार संचालित किए जा रहे हैं।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष के संपर्क नंबर
जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष: 05248-226017
टोल फ्री नंबर: 1077
मोबाइल: 9454418880











