Bihar News: पटना स्थित खान सर के कोचिंग संस्थान खान ग्लोबल स्टडीज (Khan Global Studies) पर हुए हमले के बाद बड़ी संख्या में छात्र सड़क पर उतर आए हैं। हमले के विरोध में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं और उनका कहना है कि जब तक खान सर को पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिलेगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
छात्रों का आरोप है कि खान सर बेहद कम फीस में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराते हैं, जिससे लाखों आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को लाभ मिलता है। उनका मानना है कि यही वजह कुछ अन्य कोचिंग संस्थानों को पसंद नहीं आ रही है। हमले के बाद खान सर ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि उनकी कोशिश हमेशा गरीब से गरीब बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने की रही है और इसी कारण कुछ लोगों को परेशानी हो रही है।
कम फीस में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिए प्रसिद्ध
खान सर देशभर में यूपीएससी, एसएससी, पुलिस कांस्टेबल, अग्निवीर जीडी, शिक्षक भर्ती, टीईटी, नीट और जेईई मेन जैसी परीक्षाओं की सस्ती कोचिंग उपलब्ध कराने के लिए जाने जाते हैं। सरकारी नौकरियों और प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए उनका संस्थान ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से कोर्स संचालित करता है।
जहां कई कोचिंग संस्थान प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए हजारों से लेकर लाखों रुपये तक फीस लेते हैं, वहीं खान जीएस रिसर्च सेंटर (Khan GS Research Centre) में कई कोर्सों की फीस केवल 100 रुपये, 200 रुपये, 500 रुपये या 1000 रुपये तक भी है। इसी वजह से बड़ी संख्या में छात्र उनके कोर्स और वीडियो का लाभ उठाकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।
देसी अंदाज में पढ़ाने की शैली ने दिलाई लोकप्रियता
खान सर अपनी अनोखी और सरल शिक्षण शैली के लिए पूरे देश में लोकप्रिय हैं। विशेष रूप से सामान्य अध्ययन (जीएस) और करेंट अफेयर्स के विषयों को देसी अंदाज में समझाने के कारण उन्हें व्यापक पहचान मिली है।
उन्होंने वर्ष 2019 में अपना यूट्यूब चैनल ‘Khan GS Research Centre’ शुरू किया था। वर्तमान में उनके चैनल पर लगभग 26 मिलियन (2.6 करोड़) सब्सक्राइबर्स हैं। इसके अलावा उनकी ऐप KHAN GLOBAL STUDIES के माध्यम से भी हजारों विद्यार्थी ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त करते हैं।
कोविड काल में बढ़ी लोकप्रियता
खान सर सस्ती और सुलभ शिक्षा के समर्थक माने जाते हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान जब शैक्षणिक संस्थान बंद थे, तब उन्होंने यूट्यूब के माध्यम से छात्रों को पढ़ाना शुरू किया। इससे पहले वे मुख्य रूप से ऑफलाइन कक्षाएं संचालित करते थे।
लॉकडाउन के दौरान उनके वीडियो तेजी से लोकप्रिय हुए और आज उनके कई वीडियो पर करोड़ों तक व्यूज आ चुके हैं। ऑनलाइन शिक्षा के क्षेत्र में उनकी पहचान इसी दौर में राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हुई।
विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की फीस
खान सर के संस्थान में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निर्धारित फीस इस प्रकार है—
- हिन्दी माध्यम यूपीएससी प्री एवं मेन्स ऑफलाइन बैच – 69,500 रुपये
- यूपी पीसीएस प्री एवं मेन्स ऑफलाइन – 5,000 रुपये, ऑनलाइन – 3,000 रुपये
- बिहार एसएससी सीजीएल – 500 रुपये
- सीटीईटी – 600 रुपये
- नीट यूजी ऑफलाइन – 35,000 रुपये
- जेईई मेन ऑफलाइन – 35,000 रुपये
- बिहार दारोगा अधिनायक – 300 रुपये
- आर्मी जीडी – 100 रुपये
- यूपी पीईटी – 500 रुपये
- एसएससी टियर-1 एवं टियर-2 – 8,000 रुपये
- यूजीसी नेट पेपर-1 – 499 रुपये
- यूपी पुलिस कांस्टेबल – 500 रुपये
- यूपीएससी तीन वर्षीय फाउंडेशन कोर्स – 25,000 रुपये
- यूपीटीईटी पेपर-1 – 400 रुपये
- एनडीए – 3,000 रुपये, ऑनलाइन – 2,000 रुपये
- सीडीएस ऑनलाइन – 2,000 रुपये
- एसएससी सीएचएसएल – 600 रुपये
- 73वीं बीपीएससी – 4,500 रुपये
- 72वीं बीपीएससी प्रीलिम्स – 200 रुपये
- बीपीएससी टीआरई 4.0 कक्षा 6-8 – 800 रुपये
- बीपीएससी टीआरई 4.0 कक्षा 1-5 – 700 रुपये
- एनडीए एवं सीडीएस लिखित परीक्षा के बाद एसएसबी इंटरव्यू की कोचिंग – 10,000 रुपये
कौन हैं खान सर?
खान सर का जन्म वर्ष 1993 में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा देवरिया जिले के भाटपाररानी कस्बे स्थित परमार मिशन स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीएससी और एमएससी की पढ़ाई पूरी की।
शिक्षण क्षेत्र में आने से पहले उन्होंने पटना की एक निजी कोचिंग में अध्यापन किया। बाद में उन्होंने अपना स्वयं का कोचिंग संस्थान शुरू किया। उनके पिता भारतीय सेना में अधिकारी रहे हैं, जबकि उनके बड़े भाई सेना में कमांडो हैं।
खान सर भी सेना में जाना चाहते थे और उन्होंने एनडीए परीक्षा पास भी कर ली थी, लेकिन मेडिकल परीक्षा में सफल नहीं हो सके, जिसके कारण उनका सैन्य सेवा का सपना पूरा नहीं हो पाया।
107 करोड़ रुपये का जॉब ऑफर भी ठुकराया
कुछ महीने पहले ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ में बातचीत के दौरान खान सर ने अपने जीवन के संघर्षों और करियर से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों का उल्लेख किया था। उन्होंने बताया था कि उन्हें एक बार 107 करोड़ रुपये का कोचिंग जॉब ऑफर मिला था, लेकिन उन्होंने उसे स्वीकार नहीं किया।
खान सर के अनुसार, उन्होंने व्यक्तिगत संपत्ति अर्जित करने की बजाय सस्ती और सुलभ शिक्षा उपलब्ध कराने के अपने उद्देश्य को प्राथमिकता दी। इसी कारण उन्होंने उस बड़े कॉर्पोरेट प्रस्ताव को ठुकराने का फैसला लिया।
Author: Shivam Verma
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