BRICS Summit 2026: नई दिल्ली में आयोजित हो रहे बहुचर्चित ब्रिक्स सम्मेलन 2026 के दौरान वैश्विक मंच से रूस ने पश्चिमी देशों को करारा जवाब दिया है। ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों द्वारा उनके देश पर थोपे गए कड़े प्रतिबंधों की तीव्र आलोचना की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में इन तमाम पाबंदियों को पूरी तरह से अनुचित और बेबुनियाद करार दिया है।
रूसी राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में चौंकाने वाले आंकड़े साझा करते हुए बताया कि मॉस्को पर अब तक कुल 30,000 से अधिक प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं। उनके अनुसार, दुनिया के किसी भी अन्य देश के मुकाबले रूस को निशाना बनाकर उसके खिलाफ दोगुने प्रतिबंधों का इस्तेमाल किया गया है। पश्चिमी देशों ने परिवहन मार्गों को बाधित करने और आर्थिक ढांचे को ध्वस्त करने के लिए कई प्रकार के नकारात्मक हथकंडे अपनाए हैं।
तमाम दवाब और हजारों पाबंदियों के बावजूद रूसी अर्थव्यवस्था की रफ्तार पर कोई बुरा असर नहीं पड़ा है। पुतिन ने दावा किया है कि बीते कुछ वर्षों के दौरान उनके देश की आर्थिक वृद्धि दर वैश्विक औसत से काफी ऊपर रही है। पश्चिमी प्रतिबंधों की मार झेलने के बावजूद आज रूसी अर्थव्यवस्था पहले की तुलना में कहीं अधिक लचीली, स्थिर और मजबूत बनकर उभरी है।
सम्मेलन के दौरान पुतिन ने ब्रिक्स देशों और पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं के बीच बढ़ते गतिरोध पर भी खुलकर बात की। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिमी ताकतें अब पारंपरिक कूटनीति और व्यापारिक नियमों को दरकिनार कर शत्रुतापूर्ण रवैया अपना रही हैं। अंतरराष्ट्रीय ट्रांसपोर्टेशन कॉरिडोर को रोकना और व्यापारिक जहाजों को जब्द करना जैसी हरकतें इस बात का प्रमाण हैं कि प्रतिस्पर्धा अब एक नए और आक्रामक दौर में प्रवेश कर चुकी है।
रूसी राष्ट्रपति ने अमेरिका और उसके सहयोगियों पर परोक्ष रूप से हमला बोलते हुए उन देशों को भी चेतावनी दी जो रूस के साथ व्यापारिक रिश्ते बनाए रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देश उन सरकारों पर भी द्वितीयक प्रतिबंधों का दबाव बना रहे हैं जो रूस के साथ सहयोग कर रही हैं। हालांकि, इन तमाम राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना करते हुए रूस ने अपने आंतरिक तंत्र को और अधिक मजबूत कर लिया है।











