Tamil Nadu News: चेन्नई में रहने वाले लोगों और दुकानदारों के लिए कचरा फेंकने के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन (जीसीसी) ने शहर में कचरा प्रबंधन व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त करने के लिए एक सख्त कदम उठाया है। अब शहर के सभी नागरिकों और संस्थानों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे अपने घर या दफ्तर से निकलने वाले कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर ही बाहर दें। इस नए नियम का उद्देश्य लैंडफिल यानी डंपिंग ग्राउंड तक पहुंचने वाले कचरे की मात्रा को कम करना और पर्यावरण को सुरक्षित रखना है।
यह नया नियम केवल आम रिहायशी मकानों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इस दायरे में अपार्टमेंट्स, व्यावसायिक दुकानें, स्कूल, कॉलेज, बड़े कमर्शियल संस्थान और तमाम सरकारी दफ्तर भी शामिल किए गए हैं। जीसीसी प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नियमों की अनदेखी करने पर भारी जुर्माना वसूला जा सकता है और संबंधित नगरपालिका कानूनों के तहत कानूनी कदम भी उठाए जा सकते हैं।
प्रशासन की ओर से कचरे के सही निपटान के लिए चार रंगों के डिब्बों का एक स्पष्ट रंग-कोड सिस्टम लागू किया गया है। इसके तहत हरे डिब्बे में गीला कचरा, नीले डिब्बे में रिसाइकिल होने वाला सूखा कचरा जैसे कागज, प्लास्टिक और कांच डालना होगा। इसके अलावा लाल डिब्बे में सैनिटरी कचरा जैसे डायपर और नैपकिन सुरक्षित रूप से लपेटकर रखने होंगे। वहीं बैटरी, एक्सपायर्ड दवाएं और इलेक्ट्रॉनिक कचरे जैसे घरेलू खतरनाक सामानों के लिए काले डिब्बे का इस्तेमाल करना अनिवार्य होगा।
स्थानीय निकायों ने सभी 200 वार्डों में चलने वाली कचरा संग्रह गाड़ियों में भी इन चार रंगों के अलग-अलग कंटेनर लगवाए हैं। सफाई कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल वही कचरा स्वीकार करें जिसे पहले से ही चार अलग श्रेणियों में बांटा गया हो। यदि कचरा सही तरीके से अलग नहीं किया गया, तो कर्मचारी उसे उठाने से मना कर सकते हैं, जिससे निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
इस नई व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए कॉरपोरेशन ने दक्षिण चेन्नई में एक व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाया है। अधिकारियों का मानना है कि स्रोत स्तर पर ही कचरे के बंटवारे से रीसाइक्लिंग की प्रक्रिया बेहद आसान हो जाएगी और सड़ने वाले कचरे से बेहतरीन खाद तैयार की जा सकेगी। प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि वे स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें और नियमों का कड़ाई से पालन करें ताकि चेन्नई को साफ-सुथरा और हरा-भरा बनाया जा सके।
Author: Shivam Verma
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