रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की कार्रवाई तेज हो गई है। बुधवार सुबह CBI की टीम ने रायपुर और भिलाई स्थित उनके आवासों पर छापेमारी की। इस दौरान किसी भी संभावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई।
CBI से पहले ED ने की थी जांच
इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी भूपेश बघेल के खिलाफ जांच की थी। जानकारी के अनुसार, CBI की टीम घर के अंदर विभिन्न दस्तावेजों की जांच कर रही है, जबकि बाहर पुलिस बल मुस्तैद है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल के खिलाफ 2161 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले में जांच चल रही है। ED की जांच के दौरान कई कांग्रेस नेताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था, जिसे देखते हुए आज भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
अब CBI आई है.
आगामी 8 और 9 अप्रैल को अहमदाबाद (गुजरात) में होने वाली AICC की बैठक के लिए गठित “ड्राफ़्टिंग कमेटी” की मीटिंग के लिए आज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का दिल्ली जाने का कार्यक्रम है.
उससे पूर्व ही CBI रायपुर और भिलाई निवास पहुँच चुकी है.
(कार्यालय-भूपेश बघेल)
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) March 26, 2025
महादेव सट्टा मामले से जुड़ी जांच
CBI की इस कार्रवाई को महादेव सट्टा मामले से भी जोड़कर देखा जा रहा है। बुधवार सुबह भारी पुलिस बल के साथ CBI की टीम ने न केवल भूपेश बघेल के घर, बल्कि कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के घरों पर भी छापा मारा। भिलाई के पदुम नगर स्थित भूपेश बघेल के निवास के अलावा, सेक्टर 9 में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. आनंद छाबड़ा, पूर्व दुर्ग एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव और पूर्व एएसपी संजय ध्रुव के 32 बंगला स्थित आवास पर भी CBI ने दबिश दी।
महादेव सट्टा मामले में पहले भी कई नाम सामने आ चुके हैं। इस घोटाले में बड़े पैमाने पर कैश लेनदेन की चर्चा थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुर्ग के पूर्व एसपी अभिषेक पल्लव पर हर महीने 10 लाख रुपये लेने का आरोप है, जबकि एक अन्य पूर्व एसपी पर 75 लाख रुपये मासिक रिश्वत लेने की बात सामने आई थी।

Author: Shivam Verma
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