Chandauli News: शनिवार को चंदौली जनपद में ईद-उल-अजहा का पर्व पूरी श्रद्धा, उल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। सुबह होते ही जिले के प्रमुख ईदगाहों में नमाज अदा करने वालों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हजारों की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एकजुट होकर अल्लाह की इबादत की और देश-दुनिया में अमन व भाईचारे की दुआएं मांगी।
जिला मुख्यालय स्थित ईदगाह पर सुबह 7:30 बजे विशेष नमाज अदा की गई, जिसमें आस-पास के क्षेत्रों से आए नमाजियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। नमाज अदा करने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और आपसी मेलजोल की मिसाल पेश की। बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। नए कपड़े पहनकर और खिलौनों के साथ ईदगाह पहुंचे बच्चों के चेहरों पर विशेष रौनक दिखाई दी।
हजरत इब्राहिम की कुर्बानी की याद में मनाया गया पर्व
नौगढ़ क्षेत्र के समाजसेवी बिसमिल्लाह ने ईद-उल-अजहा की अहमियत पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह पर्व हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की उस महान आस्था और समर्पण की याद दिलाता है, जब उन्होंने अल्लाह के आदेश पर अपने सबसे प्रिय पुत्र की कुर्बानी देने का निर्णय लिया। लेकिन अल्लाह की रहमत से उनकी जगह एक दुंबा (भेड़) कुर्बान किया गया। इसी घटना की याद में ईद-उल-अजहा पर जानवरों की कुर्बानी दी जाती है।
बिसमिल्लाह ने बताया कि यह पर्व इंसान को त्याग, समर्पण और ईमानदारी का पाठ पढ़ाता है और समाज में एकजुटता, सहयोग और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देता है।
जरूरतमंदों के साथ साझा की गई कुर्बानी की खुशी
कुर्बानी के पश्चात परंपरा के अनुसार जानवरों के मांस को तीन बराबर हिस्सों में बांटा गया। एक हिस्सा परिवार के लिए, दूसरा मित्रों और रिश्तेदारों के लिए और तीसरा हिस्सा गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए रखा गया। इस परंपरा को निभाते हुए जिले के विभिन्न इलाकों में लोगों ने अपने स्तर पर जरूरतमंदों तक भोजन और सहायता पहुंचाई। यह दृश्य त्योहार की मानवीय भावना को और भी प्रबल बनाता नजर आया।
सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम, पुलिस रही मुस्तैद
ईद-उल-अजहा के मौके पर जिलेभर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। नौगढ़, चकिया, मुगलसराय, शहाबगंज, चंदौली, धीना, नियामताबाद, सकलडीहा और धानापुर समेत सभी क्षेत्रों के ईदगाहों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। धीना थानाध्यक्ष भूपेंद्र निषाद स्वयं अपने दल-बल के साथ क्षेत्र में गश्त पर निकले और कानून-व्यवस्था की निगरानी की।
पुलिस की सक्रियता के चलते त्योहार पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
आपसी भाईचारे और सौहार्द की मिसाल बनी ईद
जिले भर में ईद-उल-अजहा का पर्व शांति और सद्भाव के वातावरण में सम्पन्न हुआ। हर गली, हर मोहल्ले में आपसी प्रेम और मेलजोल का नजारा देखने को मिला। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर बधाइयां दीं, तो वहीं बच्चों की खुशियां देखते ही बनती थीं। कहीं से किसी प्रकार की कोई नकारात्मक खबर सामने नही आई है।











