Maharashtra News: छत्रपति संभाजीनगर में कॉकरेच जनता पार्टी (सीजेपी) के संयोजक अभिजीत दीपके का एक विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर सुर्खियां बटोर रहा है। इस वीडियो में दीपके अपने आवास की सुरक्षा में तैनात एक पुलिस उपनिरीक्षक (पीएसआई) को जमकर खरी-खोटी सुनाते हुए दिखाई दे रहे हैं। मामला उस समय गरमा गया जब दीपके ने पुलिसकर्मी पर उनके घर आने वाले आगंतुकों के साथ बदसलूकी करने और उन्हें नियंत्रित करने का गंभीर आरोप लगाया।
अभिजीत दीपके ने इस दौरान पुलिसकर्मी को दिल्ली पुलिस की कार्यशैली से जोड़ते हुए कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह अपनी मर्जी से लोगों से मिलने के लिए स्वतंत्र हैं और कोई भी पुलिसकर्मी उन्हें यह निर्देश नहीं दे सकता कि उन्हें किससे मिलना है और किससे नहीं। विवाद इतना बढ़ गया कि दीपके ने उस पीएसआई को फौरन वहां से हटाने की मांग कर दी और उन्हें अपने घर के परिसर से चले जाने को कहा।
इस पूरे मामले में एक और चौंकाने वाला दावा सामने आया है। दीपके का आरोप है कि उनके घर के आसपास सादे कपड़ों में सीआईडी के लोग तैनात किए गए थे, जो कथित तौर पर ‘हिट स्प्रे’ नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए उनकी हर गतिविधि की रिपोर्ट आगे भेज रहे थे। उन्होंने दावा किया कि किसी रिपोर्टर के जरिए उन्हें इस जासूसी के बारे में जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने पुलिस अधिकारियों के सामने यह मुद्दा जोर-शोर से उठाया।
बता दें कि अभिजीत दीपके को सुरक्षा मुहैया कराई गई है, क्योंकि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं और उनके घर पर अक्सर समर्थकों की भीड़ जुटती है। हालांकि, सुरक्षा के नाम पर हो रही इस कथित निगरानी से वे काफी नाराज दिखे। दीपके ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को फोन करके भी अपना विरोध दर्ज कराया और सुरक्षाकर्मी के व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े किए।
फिलहाल, स्थानीय पुलिस प्रशासन की ओर से इस पूरे घटनाक्रम और दीपके द्वारा लगाए गए जासूसी के आरोपों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, जब इस संबंध में डीसीपी पंकज अतुलकर से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनसे बात नहीं हो सकी। यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और अब हर किसी की नजर इस पर है कि पुलिस विभाग इस मामले में क्या रुख अपनाता है।











