देश के दक्षिणी और पूर्वी राज्यों में चक्रवात ‘अर्नब’ और लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा रखी है। इस चक्रवात के कारण आंध्र प्रदेश और ओडिशा में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन चुके हैं, जहां रिहायशी इलाकों और घरों के अंदर तक पानी घुस गया है। इस प्राकृतिक आपदा के चलते आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, और हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं।
इस आपदा की घड़ी में कांग्रेस पार्टी ने भी प्रभावित लोगों की सुधि ली है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए पार्टी के सभी स्थानीय कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे संकट की इस बेला में आगे आएं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता मुहैया कराई जाए और राहत तथा बचाव कार्यों में बढ़-चढ़कर सहयोग किया जाए ताकि लोगों की मुश्किलें कम हो सकें।
दूसरी ओर, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस गंभीर स्थिति पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से पुरजोर मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में बिना किसी देरी के राहत सामग्री और पुनर्वास की व्यवस्था की जाए। राहुल गांधी ने कहा कि इस आपदा में जिन लोगों के घर उजड़ गए हैं और जिनकी आजीविका पर संकट आ गया है, उन्हें सरकार की तरफ से तुरंत प्राथमिकता के आधार पर मदद मिलनी चाहिए।
तूफान के कारण बुनियादी ढांचे और परिवहन सेवाओं को भी करारा झटका लगा है। भारी बारिश की वजह से रेलवे ट्रैक और पुलों के नीचे पानी भर जाने के कारण रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए विशाखापत्तनम-भुवनेश्वर मार्ग पर लगभग नौ ट्रेनों को पूरी तरह रद्द कर दिया है, जबकि कई अन्य गाड़ियों के रूट में बदलाव किया गया है, जिससे सफर करने वाले लोगों को भारी असुविधा हो रही है.
राहत और बचाव कार्य के मोर्चे पर केंद्रीय गृह मंत्रालय भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात कर स्थिति की समीक्षा की है और केंद्र सरकार की तरफ से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है। आंध्र प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पुडुचेरी में स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की विशेष टीमों को तैनात किया गया है जो लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने में जुटी हुई हैं।










