प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने गुजरात दौरे के दौरान बनासकांठा जिले के किसानों और पशुपालकों को ऐतिहासिक तोहफे दिए हैं। इस खास अवसर पर पीएम मोदी ने एक पारंपरिक चौपाल को संबोधित करते हुए कहा कि खेती हमारी संस्कृति का अहम हिस्सा है और सरकार ने इसे आधुनिक तकनीक से जोड़ने का बड़ा काम किया है। उन्होंने देश के करोड़ों किसानों के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए बताया कि अब तक 26 करोड़ से अधिक सॉइल हेल्थ कार्ड बांटे जा चुके हैं, जिससे किसानों को अपनी जमीन की उर्वरता समझने में आसानी हो रही है।
इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने देश भर के 9.34 करोड़ से ज्यादा किसान परिवारों के बैंक खातों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत सीधे 19 हजार करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की। इसके अलावा बनासकांठा के भीलड़ी में 325 करोड़ रुपये की लागत से बने अत्याधुनिक ‘भारत मवेशी प्रजनन एवं अनुसंधान केंद्र’ (बीबीबीआरसी) का उद्घाटन भी किया गया। 127 एकड़ में फैला यह रिसर्च सेंटर मवेशियों की नस्ल सुधारने और वैज्ञानिक तरीके से दूध उत्पादन बढ़ाने में बेहद मददगार साबित होगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिलाओं की भागीदारी पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पशुपालन हमारे देश की रीढ़ है और इसमें हमारी बहनों का योगदान सबसे बड़ा है। पिछले दस सालों में सरकार ने डेयरी सेक्टर में विज्ञान और तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया है, जिससे ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए रास्ते खुले हैं। इस नए अनुसंधान केंद्र के शुरू होने से स्थानीय किसानों और दूध का कारोबार करने वाले लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बनास डेयरी के ‘आलू विस्तार प्रोजेक्ट’ का भी शुभारंभ किया। साथ ही डेयरी प्रोडक्ट्स को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए एक आधुनिक ऑटोमैटिक कोल्ड स्टोरेज की सुविधा भी जनता को समर्पित की गई। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पीएम मोदी ने थराद और राधनपुर में दो नए बायोगैस प्लांट की आधारशिला भी रखी, जिनसे कचरे और गोबर से ऊर्जा का उत्पादन किया जाएगा।
किसान उत्सव दिवस के इस खास मौके पर गुजरात के विभिन्न जिलों और क्लस्टर स्तर पर कई भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। भीलड़ी में हुए मुख्य कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया, जहां किसानों को बागवानी और कृषि योजनाओं के समर्थन पत्र भी बांटे गए। इन तमाम विकास कार्यों से गुजरात के ग्रामीण इलाकों में आर्थिक गतिविधियों को और ज्यादा गति मिलने की पूरी उम्मीद है।










