Delhi PG Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए दर्दनाक पीजी हादसे को लेकर अब एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। शुरुआती जांच में यह बात साफ हो गई है कि पांच मंजिला इमारत के ढहने की असली वजह अवैध निर्माण और बिना सोचे-समझे किए गए ढांचागत बदलाव थे। भूतल पर स्थित दो अलग-अलग दुकानों को आपस में मिलाकर एक बड़ा हॉल तैयार करने की प्लानिंग चल रही थी, जिसके लिए मजदूरों द्वारा बीच का मुख्य बीम हटा दिया गया था।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जैसे ही मजदूरों ने दुकान के बीच का बीम काटा, वैसे ही पूरी इमारत का संतुलन बिगड़ गया और वह ताश के पत्तों की तरह धराशायी हो गई। इस भीषण हादसे में कई मासूम छात्रों समेत कुल सात लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और स्थानीय प्रशासन पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इमारत की मालकिन, उनके पति और बेटे समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में 75 वर्षीय मालकिन उर्मिला गुप्ता, उनके वायुसेना से सेवानिवृत्त 81 वर्षीय पति हरिराम गुप्ता और बेटा महेश गुप्ता शामिल हैं। अदालत ने आरोपियों को न्यायिक और पुलिस हिरासत में भेज दिया है, जबकि पुलिस इस काम को अंजाम देने वाले ठेकेदार की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
जांच में यह भी पता चला है कि इमारत के बेसमेंट में लंबे समय से पानी के रिसाव यानी सीपेज की गंभीर समस्या बनी हुई थी, जिसे ठीक करने के नाम पर मरम्मत का काम कराया जा रहा था। इसके अलावा, भूतल की जिस जगह पर बदलाव किया जा रहा था, उसे एक केमिस्ट को किराए पर देने की बात भी सामने आ रही है। बिना किसी इंजीनियर की देखरेख के इस तरह की तोड़फोड़ करना सीधे तौर पर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ साबित हुआ है।
बढ़ते हादसों को देखते हुए दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस ने दिल्ली सरकार और अन्य संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में इलाके की सभी पुरानी और जोखिम भरी इमारतों का तत्काल प्रभाव से सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की गई है ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी बड़ी मानवीय त्रासदी को समय रहते रोका जा सके।
Author: Shivam Verma
Description










