World News: अमेरिका के फ्लोरिडा से एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है, जहां भारतीय मूल की शिक्षिका पिया दांडिया ने डेमोक्रेटिक पार्टी का प्राइमरी चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया है। अपनी इस जीत के साथ ही वे अब 3 नवंबर को होने वाले आम चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार केसी अस्कर को सीधी चुनौती देंगी। यह मुकाबला अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत तय करने के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
मंगलवार को आयोजित प्राइमरी चुनाव में पिया दांडिया ने अपने प्रतिद्वंदी वकील कैसिया अर्ली को एकतरफा मुकाबले में 61.3 फीसदी वोटों के भारी अंतर से हराया। अपनी जीत के बाद समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे इस जिम्मेदारी के लिए खुद को सम्मानित महसूस करती हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि उनका चुनावी अभियान अब नए अध्याय में प्रवेश कर चुका है और वे फ्लोरिडा के मेहनतकश परिवारों की आवाज बनकर काम करेंगी।
पिया दांडिया का जीवन संघर्ष और सफलता से भरा रहा है। फ्लोरिडा के पाम बीच काउंटी में जन्मी और पली-बढ़ी पिया ने महज 28 साल की उम्र में हार्लेम में एक हाईस्कूल की नींव रखी और देश की सबसे कम उम्र की प्रिंसिपल्स में शुमार हुईं। शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के बाद, उन्होंने व्हाइट हाउस फेलो के रूप में शिक्षा विभाग और डोमेस्टिक पॉलिसी काउंसिल के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके अलावा उन्होंने एप्पल जैसी बड़ी कंपनी में सार्वजनिक परियोजनाओं का नेतृत्व भी किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि पिया दांडिया नवंबर के चुनाव में विजयी होती हैं, तो वह फ्लोरिडा से अमेरिकी कांग्रेस में पहुंचने वाली पहली दक्षिण एशियाई अमेरिकी बन जाएंगी। हालांकि, यह सीट रिपब्लिकन पार्टी की तरफ झुकी हुई मानी जाती है, लेकिन पिया के समर्थकों और डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी को पूरी उम्मीद है कि वह इस सीट को पलटने में सफल रहेंगी। उनका मुख्य फोकस आम लोगों के खर्च को कम करने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर है।
पिया दांडिया का मुख्य मुकाबला रिपब्लिकन उम्मीदवार केसी अस्कर से होगा, जिन्होंने प्राइमरी चुनाव में 24 फीसदी वोट हासिल किए थे। डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी के अध्यक्ष केन मार्टिन ने पिया को बधाई देते हुए कहा कि वह एक समर्पित नेता हैं जो फ्लोरिडा के परिवारों के भविष्य के लिए निरंतर काम करने का जज्बा रखती हैं। अब सभी की निगाहें 3 नवंबर के नतीजों पर टिकी हैं, जो इस कांग्रेसनल जिले की राजनीतिक दिशा तय करेंगे।
Author: Shivam Verma
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