Maharashtra News: महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में बुधवार को भक्ति और श्रद्धा का एक अद्भुत और अलौकिक नजारा देखने को मिला। संत गजानन महाराज की पवित्र पालकी खामगांव से अपनी अगली मंजिल यानी शेगांव के लिए रवाना हुई। इस यात्रा के दौरान खामगांव की सड़कें “गण गण गणात बोते” के दिव्य जयघोष से गूंज उठीं, जिससे पूरे इलाके का वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया।
पालकी यात्रा के दौरान सड़क पर वारकरियों का एक विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस यात्रा में शामिल होने के लिए दूर-दूर से आए श्रद्धालु ढोल-ताशों की थाप पर थिरकते और भजन गाते नजर आए। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच मंत्री आकाश फुंडकर ने पुष्प वर्षा कर पालकी का भव्य स्वागत किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली के लिए विशेष प्रार्थना की।
इस यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं की आस्था देखते ही बनती थी। संभाजीनगर से आए एक भक्त ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि वारी के दौरान की गई व्यवस्थाएं बेहद सराहनीय हैं। जगह-जगह यात्रियों के लिए जलपान, चाय और नाश्ते की उत्तम व्यवस्था की गई है। भक्तों का मानना है कि यह यात्रा न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि समाज में भाईचारे और सद्भावना का संदेश भी देती है।
वही, लंबे समय से इस वारी का हिस्सा रही एक महिला शिक्षिका ने बताया कि गजानन महाराज की पालकी के दर्शन करना उनके जीवन का सबसे सुखद अनुभव है। उन्होंने कहा कि इतनी भारी भीड़ होने के बावजूद पूरी यात्रा के दौरान सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। भक्त अपने हर कदम के साथ स्वच्छता का संकल्प लेकर चलते हैं, जो गजानन महाराज की कृपा का ही प्रतीक है।
इस पावन अवसर पर महिलाओं और किसानों ने विशेष प्रार्थनाएं कीं। सभी भक्तों का एक ही सुर में यह कहना था कि यह यात्रा उन्हें पूरे वर्ष के लिए नई ऊर्जा और सकारात्मकता प्रदान करती है। लोग ईश्वर से अच्छी फसल, किसानों की समृद्धि और पूरे समाज के स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए पूरे भक्ति भाव के साथ शेगांव की ओर आगे बढ़ रहे हैं।
Author: Shivam Verma
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