Delhi News: नेपाल में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बीच वहां फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए भारत सरकार ने राहत अभियान तेज कर दिया है। विदेश मंत्रालय द्वारा दी गई ताजा जानकारी के अनुसार, नेपाल के टिमुरे इलाके से 21 भारतीय नागरिकों को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया है। राहत की बात यह है कि बचाए गए सभी लोग तमिलनाडु के निवासी हैं और वे वहां कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए हुए थे। मंत्रालय ने इन सभी व्यक्तियों की सूची भी सार्वजनिक कर दी है, जिससे उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है।
हालांकि, स्थिति अभी भी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि वर्तमान में 288 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पाया है, जिन्हें लेकर सरकार बेहद चिंतित है। इनमें से 73 लोग त्रिशूली-1 पावर प्रोजेक्ट में कार्यरत कर्मचारी बताए जा रहे हैं। इसके अलावा, तिब्बत क्षेत्र में भी करीब 200 भारतीय फंसे हुए हैं, जिनसे भारतीय दूतावास लगातार संपर्क साधने की कोशिश कर रहा है ताकि उन्हें सुरक्षित निकाला जा सके।
इस कठिन समय में भारत सरकार पड़ोसी देश नेपाल को हरसंभव तकनीकी और मानवीय सहायता प्रदान कर रही है। नेपाल प्रशासन की मांग पर भारत की ओर से राहत सामग्री और बेली ब्रिज भेजे जा रहे हैं ताकि प्रभावित इलाकों तक पहुंच सुनिश्चित की जा सके। फ्लैश फ्लड के प्रभाव को देखते हुए विदेश मंत्रालय ने 24 घंटे काम करने वाला एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया है। साथ ही, काठमांडू और बीजिंग में स्थित भारतीय दूतावासों में भी चौबीसों घंटे हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं ताकि फंसे हुए लोगों तक तत्काल मदद पहुंचाई जा सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से फोन पर बात कर इस प्राकृतिक आपदा पर गहरा दुख व्यक्त किया है और उन्हें भारत की ओर से हर संभव मदद का पूरा भरोसा दिलाया है। नेपाल-तिब्बत सीमा पर बुधवार को आई अचानक बाढ़ के कारण जान-माल का भारी नुकसान हुआ है, जिसमें मरने वालों का आधिकारिक आंकड़ा 270 के पार पहुंच गया है। नेपाल पुलिस बचाव कार्य में जुटी है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साथ स्थिति को संभालने का प्रयास किया जा रहा है।
स्थानीय प्रशासन और रेस्क्यू टीमें लगातार दुर्गम इलाकों में तलाशी अभियान चला रही हैं। भारत सरकार की प्राथमिकता सीमा पार फंसे अपने हर नागरिक को सुरक्षित वापस लाने की है। एमईए ने सभी संबंधित लोगों से धैर्य रखने और दूतावास द्वारा जारी आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है। आने वाले घंटों में मौसम और बचाव कार्य की स्थिति के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
Author: Shivam Verma
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