Hapur News: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जनपद में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। घौलाना क्षेत्र के काजीवाड़ा मोहल्ले में मदरसे के निकट स्थापित विद्युत ट्रांसफॉर्मर में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और ट्रांसफॉर्मर धू-धू कर जलने लगा। आग की ऊंची लपटें और आसमान में उठते काले धुएं के गुबार को देखकर क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए। लोगों को आशंका थी कि आग यदि आसपास के मकानों या अन्य विद्युत लाइनों तक पहुंच गई तो बड़ा नुकसान हो सकता है। हालांकि विद्युत विभाग की तत्परता के चलते समय रहते बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई, जिससे संभावित बड़ा हादसा टल गया।
केबल लीड से निकली चिंगारी बनी आग की वजह
स्थानीय लोगों के अनुसार ट्रांसफॉर्मर से जुड़ी केबल लीड में अचानक चिंगारी निकली थी। इसके बाद आग तेजी से फैलते हुए ट्रांसफॉर्मर तक पहुंच गई। कुछ ही देर में पूरा ट्रांसफॉर्मर आग की चपेट में आ गया और उसमें से तेज धमाकेदार आवाजें भी सुनाई देने लगीं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग इतनी भयावह थी कि लोग सुरक्षा के मद्देनजर दूर खड़े होकर स्थिति पर नजर बनाए हुए थे। घटना के कई वीडियो भी लोगों ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किए, जो बाद में सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने।
सूचना मिलते ही हरकत में आया बिजली विभाग
आग लगने की जानकारी मिलते ही विद्युत विभाग के कर्मचारी और अधिकारी मौके पर पहुंचे। सबसे पहले सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रभावित क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बंद कराई गई। इसके बाद आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई।
बिजली आपूर्ति बंद होने के कारण काजीवाड़ा समेत आसपास के कई मोहल्लों में घंटों तक अंधेरा छाया रहा। गर्मी और उमस के बीच बिजली कटौती ने लोगों की परेशानियों को और बढ़ा दिया।
भीषण गर्मी में लोगों को झेलनी पड़ी परेशानी
जून महीने की तेज गर्मी के बीच बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। घरों में पंखे, कूलर और एयर कंडीशनर बंद हो गए, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी हुई।
बिजली न होने से कई इलाकों में पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई, क्योंकि अधिकांश घरों में पानी की मोटरें बिजली से संचालित होती हैं। वहीं छोटे दुकानदारों और व्यापारियों को भी नुकसान उठाना पड़ा।
ओवरलोडिंग की आशंका से इनकार नहीं
विद्युत अवर अभियंता मनीष यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में केबल लीड से निकली चिंगारी को आग लगने का मुख्य कारण माना जा रहा है। हालांकि विभाग सभी तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जांच कर रहा है।
उन्होंने बताया कि इन दिनों भीषण गर्मी के चलते बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। एसी, कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों के अधिक उपयोग से कई क्षेत्रों में ट्रांसफॉर्मरों पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है। ऐसे में ओवरलोडिंग की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
क्षतिग्रस्त ट्रांसफॉर्मर बदलने की प्रक्रिया शुरू
अधिशासी अभियंता मनीष कुमार यादव ने बताया कि क्षतिग्रस्त ट्रांसफॉर्मर को बदलने और विद्युत आपूर्ति बहाल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभाग की टीमें लगातार कार्य कर रही हैं ताकि प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।
उन्होंने कहा कि घटना की विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
क्षेत्रवासियों ने उठाई व्यवस्था सुधारने की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग से पुराने ट्रांसफॉर्मरों की जांच कराने, जर्जर केबलों को बदलने तथा बढ़ते बिजली भार को देखते हुए अतिरिक्त क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर लगाने की मांग की है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि गर्मी के मौसम में ट्रांसफॉर्मरों पर बढ़ता दबाव अक्सर इस तरह की घटनाओं को जन्म देता है। उनका मानना है कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में और बड़े हादसे हो सकते हैं।
Author: Shivam Verma
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