World News: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में उपजे ताजा तनाव ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। इस संवेदनशील समुद्री मार्ग पर बढ़ते खतरों को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने सभी संबंधित पक्षों को संयम बरतने की कड़ी सलाह दी है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने न्यूयॉर्क में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान स्पष्ट रूप से कहा कि वैश्विक व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए इस जलडमरूमध्य का हर हाल में खुला रहना बेहद आवश्यक है।
हालिया घटनाक्रमों की बात करें तो 25 जून को सिंगापुर के एक कार्गो शिप ‘एमवी एवर लवली’ पर रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) द्वारा ड्रोन हमला किया गया था। इस हमले के जवाब में अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को ईरान के मिसाइल ठिकानों और रडार साइट्स को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई की। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कदम को ईरान द्वारा संघर्ष विराम (सीजफायर) तोड़े जाने की प्रतिक्रिया बताया है।
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते इस सैन्य टकराव के चलते वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने का डर सताने लगा है। जहां अमेरिका ने ईरान पर हमले की पुष्टि की है, वहीं ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने दावा किया है कि उनकी नौसेना ने भी जवाब में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। हालांकि, ईरान के मेहर समाचार एजेंसी के अनुसार, सिरिक बंदरगाह पर हुए हमलों से किसी प्रकार के बड़े नुकसान की खबर नहीं है।
इस पूरे मामले पर अमेरिका स्थित गैर-लाभकारी संगठन, नेशनल ईरानी-अमेरिकन काउंसिल (NIAC), ने गहरी निराशा व्यक्त की है। संगठन का मानना है कि दोनों देशों को सैन्य विकल्प चुनने के बजाय कूटनीतिक रास्तों का रुख करना चाहिए। एनआईएसी के अनुसार, बमों और सैन्य कार्रवाई से समस्या का समाधान नहीं निकलेगा और इससे केवल निर्दोष नाविकों और वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा।
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि इस मार्ग पर निर्भर हजारों पुरुषों और महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों को उन अंतरराष्ट्रीय समझौतों का सम्मान करना चाहिए जो शांति और व्यापार को सुगम बनाते हैं। फिलहाल, अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए है ताकि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा न आए।











