World News: खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी सेंटकॉम ने एक बड़ी जानकारी साझा की है। सेंटकॉम ने हाल ही में पुष्टि की है कि होर्मुज स्ट्रेट का दक्षिणी मार्ग अब भी व्यापारिक जहाजों की आवाजाही के लिए पूरी तरह खुला और सुरक्षित है। अमेरिकी सेना के आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन महीनों में करीब 1,000 से अधिक व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित रूप से इस रणनीतिक जलमार्ग से पार कराया गया है, जिससे वैश्विक व्यापार पर मंडरा रहे खतरे को काफी हद तक कम किया गया है।
सेंटकॉम ने सोशल मीडिया के माध्यम से स्पष्ट किया है कि ईरान के आक्रामक रुख और इलाके में जारी अनिश्चितता के बावजूद, अमेरिकी नौसेना अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रही है। यह अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग दुनिया के ऊर्जा व्यापार के लिए एक अहम नली के समान है, जहाँ से तेल और गैस से लदे सैकड़ों जहाज प्रतिदिन गुजरते हैं। अमेरिकी सेना की यह सक्रियता यह सुनिश्चित करने के लिए है कि अंतरराष्ट्रीय जल सीमा में व्यापारिक जहाजों को किसी भी तरह की बाधा या खतरे का सामना न करना पड़े।
हालिया रिपोर्टों के अनुसार, 4 अगस्त तक अमेरिकी बलों ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, जिसमें संदिग्ध जहाजों का रास्ता बदलना, जरूरत पड़ने पर तलाशी लेना और संभावित खतरों को निष्क्रिय करना शामिल है। इस निगरानी कार्य में अमेरिकी युद्धपोत ‘यूएस बॉक्सर’ भी प्रमुख भूमिका निभा रहा है। अमेरिका का स्पष्ट उद्देश्य खाड़ी में निर्बाध समुद्री परिवहन को बहाल रखना है, ताकि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की कीमतों में स्थिरता बनी रहे।
इस बीच, राजनयिक स्तर पर भी बड़े प्रयास किए जा रहे हैं। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वाशिंगटन और ईरान के बीच वार्ता का दौर चल रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ दिनों के भीतर होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने और तनाव को कम करने के लिए कोई ठोस समझौता हो सकता है। यदि यह समझौता सफल होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में शिपिंग लागत और वस्तुओं के दामों में गिरावट की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा न केवल खाड़ी देशों के लिए, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए अनिवार्य है। फिलहाल अमेरिका का पूरा ध्यान कूटनीति के जरिए संघर्ष को टालने और समुद्री व्यापार को सुरक्षित रखने पर है। वहीं, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी दोहराया है कि अमेरिका का दीर्घकालिक लक्ष्य परमाणु प्रसार को रोकना है, लेकिन वर्तमान में उनकी प्राथमिकताओं में होर्मुज जलमार्ग में शांति और सुरक्षा सबसे ऊपर है।
Author: Shivam Verma
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