UP News: उत्तर प्रदेश विधानसभा में जारी हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने विपक्ष के रवैये पर अपनी कड़ी नाराजगी जताई है। बुधवार को एक बयान जारी करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में सदन की गरिमा को बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के सकारात्मक सहयोग के बिना विधानसभा का सुचारू रूप से चलना संभव नहीं है।
स्पीकर महाना ने बताया कि उन्होंने विपक्ष की चिंताओं को सुनने के लिए खुद पहल की और लगभग दो घंटे तक लगातार प्रयास किए। उन्होंने कहा कि सदन की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया था कि वे अपनी बात रखें और चर्चा में हिस्सा लें, लेकिन विपक्ष का वर्तमान आचरण दुर्भाग्यपूर्ण रहा है। अध्यक्ष ने अफसोस जताते हुए कहा कि बार-बार निवेदन करने के बावजूद सदन में केवल शोर-शराबा देखने को मिला, जो संसदीय परंपराओं के विपरीत है।
सपा विधायक सचिन यादव के निष्कासन और सदन में उनके आचरण पर भी स्पीकर ने खुलकर बात रखी। सतीश महाना ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि एक शिक्षित विधायक होने के नाते सचिन यादव सदन के नियमों का पालन करेंगे। मुख्यमंत्री की तस्वीर को गलत तरीके से प्रदर्शित करने पर जब उन्होंने टोका, तो विधायक ने निर्देशों की अनदेखी की। यह घटना उनके लिए बेहद निराशाजनक रही और उन्होंने इसे सदन की गरिमा पर चोट बताया।
स्पीकर ने आगे कहा कि विधानसभा के सभी 403 सदस्यों का अधिकार है कि वे जनहित के मुद्दों को उठाएं, लेकिन यह प्रक्रिया नियमों के दायरे में होनी चाहिए। उन्होंने साफ किया कि यदि कोई सदस्य सदन की गरिमा के साथ खिलवाड़ करता है, तो उसे विशेषाधिकार के दायरे में देखा जाएगा। अपनी जिद और नियमों के उल्लंघन के चलते ही ऐसी स्थिति पैदा हुई है, जिसे टाला जा सकता था।
अंत में सतीश महाना ने एक बार फिर विपक्ष से अपील की है कि वे लोकतंत्र के इस मंदिर की शुचिता बनाए रखें। उन्होंने कहा कि सरकार आज भी सदन में चर्चा के लिए तैयार है, बशर्ते विपक्ष सार्थक बहस करना चाहे। स्पीकर के रूप में उनकी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि विधानसभा का सत्र बिना किसी बाधा के चले और प्रदेश की जनता के लिए महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हो सके।
Author: Shivam Verma
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