Jaunpur News: अमर शहीद उमानाथ सिंह जिला चिकित्सालय में शुक्रवार रात उस समय भारी हंगामा और अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक एक दर्जन से अधिक किन्नर इमरजेंसी वार्ड में घुस आए और अस्पताल स्टाफ के साथ हाथापाई शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों और अस्पताल प्रशासन के अनुसार, किन्नरों ने डॉक्टरों और स्टाफ नर्सों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और अस्पताल के अंदर अराजकता का माहौल पैदा कर दिया।
कैसे शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, यह घटना रात करीब आठ बजे की है। बताया जा रहा है कि किन्नर किसी मरीज के इलाज को लेकर अस्पताल पहुंचे थे, जहां किसी बात को लेकर डॉक्टर और किन्नरों के बीच कहासुनी हो गई। कहासुनी इतनी बढ़ गई कि किन्नर इमरजेंसी वार्ड के अंदर घुस आए और वहां मौजूद चिकित्सकों और नर्सों के साथ अभद्र व्यवहार करने लगे। विवाद इतना बढ़ा कि मारपीट शुरू हो गई।
अर्धनग्न होकर किया उत्पात
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ किन्नरों ने अर्धनग्न होकर अस्पताल परिसर में हंगामा किया। उन्होंने अस्पताल के मेडिकल स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार किया और कई कर्मचारियों से मारपीट की। कई कर्मचारियों को अपनी जान बचाने के लिए कमरों में छिपना पड़ा।
पुलिस की मौजूदगी में हुई घटना
इस दौरान अस्पताल परिसर में कुछ पुलिसकर्मी भी मौजूद थे, लेकिन वे मौके पर स्थिति को काबू करने में असमर्थ दिखाई दिए। घटना के दौरान किसी तरह की तत्काल सख्त कार्रवाई नहीं हो सकी, जिससे अस्पताल स्टाफ और मरीजों में डर का माहौल बन गया।
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने इसे सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर चूक बताया है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने घटना की निंदा करते हुए कहा, “इस तरह की घटना से अस्पताल के कर्मचारियों का मनोबल टूटता है। हम सभी को सुरक्षित कार्य करने का वातावरण मिलना चाहिए, लेकिन इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है।”
कड़ी कार्रवाई की मांग
इस घटना के बाद जिले भर के चिकित्सकों में रोष है। कई डॉक्टरों ने इस मामले को गंभीर बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। चिकित्सा संघों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे कार्य बहिष्कार जैसे कदम भी उठा सकते हैं।
स्थानीय पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि “जो भी किन्नर इस घटना में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर पहचान की जा रही है।”











