UP News: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का एक बयान इस समय सूबे की राजनीति में चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है। उन्होंने मदरसों को लेकर विवादित टिप्पणी करते हुए कहा है कि मदरसा चाहे भारत का हो, पाकिस्तान का हो या फिर बांग्लादेश का, वह अप्रत्यक्ष रूप से आतंकवाद को ही बढ़ावा देता है। उनके इस तीखे बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है और विपक्षी दलों की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आने की संभावना जताई जा रही है।
उपमुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सियासी पारा ऐसे समय पर हाई हुआ है जब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की आहट सुनाई देने लगी है। केशव प्रसाद मौर्य के इस रुख को राजनीतिक विशेषज्ञ चुनावी माहौल को प्रभावित करने वाले एक बड़े कदम के रूप में देख रहे हैं। भाजपा के दिग्गज नेता का यह कड़ा बयान अब राज्य में चर्चा का केंद्र बन गया है और लोग इस पर अपने-अपने तर्क दे रहे हैं।
दूसरी ओर, यह बयान उस समय सामने आया है जब योगी आदित्यनाथ सरकार मदरसों में शिक्षा प्रणाली और पाठ्यक्रम में बड़े बदलावों की तैयारी कर रही है। सूत्रों की मानें तो उत्तर प्रदेश की कैबिनेट बैठक में मदरसों में डिग्री कोर्स को पूरी तरह समाप्त करने का बड़ा फैसला लिया जा सकता है। सरकार की योजना मदरसों में केवल 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई को सीमित करने की है, जिस पर आज औपचारिक मुहर लग सकती है।
इस बीच, प्रदेश में विधानसभा का मानसून सत्र भी शुरू होने जा रहा है, जो 6 अगस्त तक चलेगा। माना जा रहा है कि सत्र के दौरान सरकार मदरसों से जुड़े संशोधन प्रस्तावों पर चर्चा कर सकती है, जिससे विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच टकराव की स्थिति बन सकती है। केशव प्रसाद मौर्य के इस बयान ने आगामी विधानसभा सत्र के दौरान होने वाली बहसों के लिए एक नई रूपरेखा तैयार कर दी है।
कुल मिलाकर, केशव प्रसाद मौर्य की यह टिप्पणी न केवल राज्य सरकार की भविष्य की कार्ययोजना का संकेत देती है, बल्कि आने वाले दिनों में मदरसों को लेकर होने वाली राजनीतिक बहस को भी नई दिशा देने वाली है। अब देखना यह होगा कि इस बयान के बाद विपक्षी पार्टियां सदन के अंदर और बाहर किस तरह का विरोध दर्ज कराती हैं।











