World News: अफ्रीकी देश लाइबेरिया की विदेश मंत्री सारा बेसोलो न्यांती अपने दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर गुरुवार को नई दिल्ली पहुंचीं। इस यात्रा को भारत और लाइबेरिया के बीच कूटनीतिक और राजनीतिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए इसे दोनों देशों की प्रगाढ़ मित्रता का प्रतीक बताया है।
अपनी इस महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान, लाइबेरिया की विदेश मंत्री नई दिल्ली में भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर के साथ विस्तृत चर्चा करेंगी। यह मुलाकात हैदराबाद हाउस में प्रस्तावित है, जहां दोनों देशों के बीच व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। साथ ही, वैश्विक मंचों पर भारत और लाइबेरिया के आपसी सहयोग को लेकर भी सहमति बनने की उम्मीद है।
दिलचस्प बात यह है कि सारा बेसोलो न्यांती का यह दौरा लाइबेरिया के एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल की भारत यात्रा के साथ मेल खाता है। एलेन ए अट्टोह-रेह के नेतृत्व में 15 सदस्यीय यह प्रतिनिधिमंडल ‘साउथ-साउथ पीयर लर्निंग मिशन’ के तहत भारत में मौजूद है। यह समूह महिलाओं के नेतृत्व, सतत विकास और जेंडर-रिस्पॉन्सिव गवर्नेंस जैसे विषयों पर भारत के अनुभवों से सीख रहा है, जिसे यूएन विमेन के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।
भारत और लाइबेरिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार और क्षमता निर्माण में भारत की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। भारत वैश्विक दक्षिण (ग्लोबल साउथ) की साझेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए लाइबेरिया के विकास में लगातार सहयोग कर रहा है। दोनों राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन और अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट अलायंस जैसे संगठनों के माध्यम से न केवल द्विपक्षीय, बल्कि वैश्विक मुद्दों पर भी साझा प्रयास कर रहे हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि यह दौरा दोनों देशों के बीच करीबी रिश्तों को और अधिक मजबूत करने का एक उत्कृष्ट अवसर प्रदान करता है। राजनयिक जानकारों का मानना है कि इस यात्रा से अफ्रीका के साथ भारत के बढ़ते आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों को और अधिक गति मिलेगी, जिससे भविष्य में दोनों देशों के नागरिकों को व्यापक लाभ होने की संभावना है।
Author: Shivam Verma
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