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Hurun Report 2026: मुकेश अंबानी देश के सबसे अमीर, गौतम अदाणी का दबदबा कायम

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Hurun Report 2026: हाल ही में जारी हुई 2026 की बार्कलेज प्राइवेट क्लाइंट्स हुरुन इंडिया की नवीनतम रिपोर्ट ने भारतीय व्यापार जगत की तस्वीर साफ कर दी है। इस रिपोर्ट के अनुसार, मुकेश अंबानी का परिवार आज भी भारत के सबसे धनी कारोबारी घराने के रूप में अपनी बादशाहत कायम रखे हुए है। हालांकि, बाजार के उतार-चढ़ाव के कारण उनकी कुल संपत्ति में करीब 8.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है, जिसके बावजूद उनकी कुल संपत्ति 25.8 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है।

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पहली पीढ़ी के उद्यमियों की बात करें तो गौतम अदाणी का परिवार सबसे ऊपर है। हुरुन की लिस्ट में अदाणी परिवार 19.6 लाख करोड़ रुपये की कुल संपत्ति के साथ शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। इसके अलावा, दूरसंचार क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एयरटेल के सुनील भारती मित्तल 12.1 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ इस सूची में तीसरे स्थान पर काबिज हैं, जो उन्हें पहली पीढ़ी के अमीरों में दूसरे स्थान पर लाता है। वहीं, कुमार मंगलम बिड़ला 8.14 लाख करोड़ रुपये की नेटवर्थ के साथ चौथे स्थान पर अपनी जगह बनाए हुए हैं।

हुरुन इंडिया के संस्थापक और मुख्य शोधकर्ता अनस रहमान जुनैद के मुताबिक, भारत के शीर्ष पारिवारिक कारोबारों का कुल मूल्य अब 1.46 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 138 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। दिलचस्प बात यह है कि यदि इन पारिवारिक संपत्तियों को एक देश की अर्थव्यवस्था माना जाए, तो यह दुनिया की 18वीं सबसे बड़ी जीडीपी होगी, जो सऊदी अरब और स्विट्जरलैंड जैसे समृद्ध देशों को भी पीछे छोड़ देगी।

रिपोर्ट में कुछ परिवारों की जबरदस्त प्रगति ने सबका ध्यान खींचा है। शाही एक्सपोर्ट्स के आहूजा परिवार ने पिछले तीन सालों में अपनी संपत्ति में 352 फीसदी की शानदार वृद्धि दर्ज की है। वहीं, शशिकांत भालचंद्र गरवारे परिवार ने भी अपनी रैंकिंग में तेजी से सुधार करते हुए संपत्ति में 300 फीसदी का इजाफा किया है। इसके अलावा, जिंदल परिवार ने पिछले तीन वर्षों में सबसे अधिक मूल्य सृजन किया है और अपनी संपत्ति में 3.3 लाख करोड़ रुपये जोड़कर नई ऊंचाइयां छुई हैं।

यह रिपोर्ट न केवल भारत के बड़े घरानों की वित्तीय स्थिति को दर्शाती है, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था में पारिवारिक व्यवसायों के बढ़ते प्रभाव को भी उजागर करती है। पिछले दो वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो शीर्ष 300 पारिवारिक कारोबारों ने हर दिन औसतन 4,076 करोड़ रुपये का मूल्य सृजित किया है। यह आंकड़े भारतीय बाजार की मजबूती और इन बड़े समूहों के निरंतर विकास का स्पष्ट प्रमाण देते हैं।

Shivam Verma
Author: Shivam Verma

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