Maharashtra News: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ अत्यंत सख्त रुख अपनाते हुए जीरो टॉलरेंस नीति लागू कर दी है. खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने आगामी त्योहारी सीजन और बड़े आयोजनों को ध्यान में रखते हुए एक नया और कड़ा दिशा-निर्देश जारी किया है, जिससे मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है.
नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत अब राज्य में होने वाले किसी भी बड़े सार्वजनिक आयोजन, जैसे कि लंगर, इफ्तार पार्टी या महाप्रसाद के वितरण से कम से कम सात दिन पहले FDA को इसकी आधिकारिक जानकारी देना अनिवार्य कर दिया गया है. इस नियम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सार्वजनिक आयोजनों में परोसा जाने वाला भोजन पूरी तरह से सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक हो.
त्योहारी सीजन के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने अपनी जमीनी स्तर पर गतिविधियां तेज कर दी हैं. त्योहारी छुट्टियों से पहले ही विभिन्न बाजारों में स्थित गोदामों, कोल्ड स्टोरेज और कच्चे माल की आपूर्ति करने वाली इकाइयों की गहन जांच की जा रही है, ताकि शुरुआती स्तर पर ही किसी भी तरह की गड़बड़ी को पकड़ा जा सके.
इसके साथ ही, त्योहारों के दौरान मिठाइयों की दुकानों, होटलों और रेस्टोरेंट में औचक यानी रैंडम चेकिंग की जाएगी. हाल ही में पिछले तीन महीनों के दौरान प्रशासन द्वारा कुल 37,604 खाद्य नमूनों को परीक्षण के लिए एकत्र किया गया है, जो इस अभियान की व्यापकता को दर्शाता है.
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बिना वैध लाइसेंस के किसी भी प्रकार का खाद्य कारोबार चलाने वालों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम जनता के स्वास्थ्य की रक्षा करना और त्योहारों के पवित्र माहौल में मिलावट के खतरे को पूरी तरह से समाप्त करना है.











