Cricket News: पाकिस्तान क्रिकेट टीम के अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान इन दिनों अपने मोबाइल फोन को लेकर बड़ी परेशानी में फंसे हुए हैं। इंग्लैंड दौरे के दौरान जांच के नाम पर उनका फोन जब्त किया गया था, जिसे एक महीना बीत जाने के बाद भी उन्हें वापस नहीं सौंपा गया है। इस पूरे मामले ने अब तूल पकड़ लिया है और खिलाड़ी ने पाकिस्तान की साइबर अपराध जांच एजेंसी से औपचारिक अनुरोध किया है कि उनका डिवाइस जल्द से जल्द उन्हें लौटाया जाए।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब इंग्लैंड में यह कार्रवाई की गई थी तब अधिकारियों ने भरोसा दिलाया था कि महज तीन घंटे के भीतर फोन की जांच पूरी करके उसे वापस कर दिया जाएगा। लेकिन इस वादे के विपरीत एक लंबा अरसा गुजर चुका है और खिलाड़ी के हाथ अब भी खाली हैं। स्थिति यह है कि रिजवान को अपने ही पर्सनल गैजेट के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं और पीसीबी की तरफ से भी उन्हें कोई ठोस मदद नहीं मिल पा रही है।
इस अनिश्चितता के चलते मोहम्मद रिजवान ने कानूनी सहारा लेते हुए लाहौर हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था। अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए निर्देश दिए थे कि एजेंसी खिलाड़ी को बिना किसी ठोस वजह के परेशान न करे और उन्हें उनका मोबाइल वापस किया जाए। हालांकि अदालत के आदेश के बावजूद अभी तक उन्हें उनका फोन नहीं मिल पाया है और न ही जांच एजेंसी की तरफ से उन्हें कोई आधिकारिक निर्देश या समन मिला है।
उल्लेखनीय है कि इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में खराब प्रदर्शन के बाद पाकिस्तानी टीम में बड़ा फेरबदल देखने को मिला था। इसी दौरान मोहम्मद रिजवान को अचानक टीम से बाहर कर दिया गया और उनके साथ-साथ अन्य खिलाड़ियों के फोन भी जब्त कर लिए गए थे। उन पर सट्टेबाजी और मैच से जुड़ी गतिविधियों में संदिग्ध संलिप्तता के गंभीर आरोप लगाए गए थे, जिसके बाद से ही पूरी पाकिस्तानी क्रिकेट टीम पर जांच का शिकंजा कसा हुआ है।
फिलहाल यह पूरा मामला पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और प्रशासनिक एजेंसियों की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े कर रहा है। एक तरफ जहां खिलाड़ी अपनी बेगुनाही साबित करने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ अधिकारियों की तरफ से लगातार बरती जा रही चुप्पी और असहयोग के रवैये ने रिजवान की मुश्किलों को और ज्यादा बढ़ा दिया है। क्रिकेट जगत में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि आखिर एक सीनियर खिलाड़ी के साथ इस तरह का सलूक क्यों किया जा रहा है।










