Mumbai Inflation: आर्थिक राजधानी मुंबई के निवासियों के लिए 1 सितंबर की सुबह एक बड़े आर्थिक झटके के साथ हुई है। शहर में एक साथ तीन जरूरी सेवाओं के दाम बढ़ा दिए गए हैं, जिससे आम जनता का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। आज से दूध, सीएनजी-पीएनजी गैस और ऑटो-टैक्सी का किराया महंगा हो गया है, जिसका सीधा असर हर आम मुंबईकर की जेब पर पड़ रहा है।
महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने सीएनजी की कीमतों में 2 रुपये प्रति किलो और घरेलू पीएनजी में 1 रुपये प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की है। इस वृद्धि के बाद मुंबई में सीएनजी अब 88 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई है। कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में जारी तनाव को इस बढ़ोतरी के पीछे का मुख्य कारण बताया है, जिसके कारण आयात महंगा हो गया है।
सफर के मोर्चे पर भी आम लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। मुंबई महानगर क्षेत्र परिवहन प्राधिकरण (MMRTA) ने ऑटो और टैक्सी के किराए में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। नई दरों के अनुसार, ऑटो का न्यूनतम किराया अब 27 रुपये और काली-पीली टैक्सी का न्यूनतम किराया 33 रुपये तय किया गया है। यह बढ़ोतरी करीब 18 महीने के लंबे अंतराल के बाद लागू की गई है, जिससे दैनिक यात्रियों के खर्च में इजाफा होना तय है।
महंगाई की इस मार में दूध का भी योगदान है। शहर में तबेले से मिलने वाले दूध के दाम में 9 रुपये की भारी बढ़ोतरी की गई है, जिससे अब यह 102 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। दूध उत्पादकों का तर्क है कि पशु आहार और चारे की कीमतों में 25 फीसदी तक की भारी उछाल आई है, जिसकी वजह से उन्हें दूध की कीमतें बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
महंगाई के इस ट्रिपल अटैक से मुंबई की जनता में खासी नाराजगी है। एक ही दिन में परिवहन, ऊर्जा और खाद्य सामग्री के दाम बढ़ने से मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों के मासिक खर्च पर बड़ा असर पड़ेगा। प्रशासन की तरफ से लागू की गई इन नई दरों ने शहर की अर्थव्यवस्था में चल रही हलचल को और तेज कर दिया है, जबकि आम आदमी राहत की उम्मीद में सरकार की ओर देख रहा है।











