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World News: नेपाल में आई भीषण बाढ़ पर चीन ने दी सफाई, आपदा के पीछे बताई ये बड़ी वजह

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World News: नेपाल में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस छिड़ गई है। इस आपदा को लेकर अब चीन ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए एक नई थ्योरी पेश की है। काठमांडू स्थित चीनी दूतावास ने आधिकारिक बयान जारी कर इस घटना के लिए नेपाल में आए भूकंप को जिम्मेदार ठहराया है। चीन का दावा है कि इस प्राकृतिक आपदा में उनके भी कई नागरिक लापता हुए हैं, जिसके चलते वे खुद राहत कार्यों में जुटे हुए हैं।

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चीनी दूतावास के अनुसार, नेपाल में आए भूकंप के झटकों के कारण बड़े पैमाने पर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) हुआ। इस भूस्खलन की वजह से लैंडे नदी का प्राकृतिक बहाव पूरी तरह अवरुद्ध हो गया था। जब नदी का रास्ता बंद हुआ, तो पानी ने अपना रुख बदल लिया और निचले इलाकों में बाढ़ का विकराल रूप ले लिया। चीन ने इस बात से साफ इनकार किया है कि उन्हें बाढ़ की जानकारी नहीं थी या उन्होंने जानबूझकर सूचना छिपाने की कोशिश की है।

इस संकट के बीच चीन के ग्यिरोंग प्रांत में भी भारी नुकसान की खबरें सामने आई हैं। चीनी दूतावास का कहना है कि वहां भी बाढ़ ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है और उनके 250 से अधिक नागरिक लापता हैं। राहत और बचाव कार्य के लिए वहां सेना को तैनात किया गया है। बीजिंग का स्पष्ट संदेश है कि मौजूदा समय में देशों को एक-दूसरे पर आरोप लगाने के बजाय मिलकर आपदा पीड़ितों की मदद करने और राहत अभियानों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।

वहीं दूसरी ओर, नेपाल के कई सांसदों ने चीन पर पूर्व में सूचना साझा न करने के गंभीर आरोप लगाए थे, जिसकी वजह से बाढ़ का असर और अधिक घातक हो गया। स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, तिब्बत के ग्यिरोंग में भूकंप के बाद ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा झील में गिरने से बांध टूट गया, जिससे बाढ़ का पानी अचानक नेपाल की भटकोशी नदी में आ गिरा। इस जल प्रलय में अब तक 170 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग लापता हैं।

नेपाल सरकार ने इस कठिन घड़ी में अंतरराष्ट्रीय मदद की गुहार लगाई है और भारत से भी सहयोग मांगा है। काठमांडू से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों तक यह मांग उठ रही है कि सीमा पार की नदियों के प्रबंधन और आपदा प्रबंधन के लिए पड़ोसी देशों के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों से बचा जा सके। फिलहाल, प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू ऑपरेशन जोर-शोर से जारी है।

Shivam Verma
Author: Shivam Verma

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