Hariyana News: हरियाणा की राजनीति में उस वक्त तनाव बढ़ गया जब राज्य विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायकों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। काले कपड़े पहनकर पहुंचे कांग्रेसी नेताओं ने राम मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी के मामले और जंतर-मंतर पर नीट छात्रों के साथ हुई पुलिसिया कार्रवाई को लेकर तीखा विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार इन गंभीर मुद्दों पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही है।
प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस वक्त तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस ने विधायकों को विधानसभा की ओर बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की और बल प्रयोग किया। विपक्ष के कई विधायकों ने आरोप लगाया कि पुलिस की इस कार्रवाई में उन्हें चोटें आई हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार पर बरसते हुए कहा कि लोकतांत्रिक विरोध को कुचलने के लिए सरकार ने पुलिस का इस्तेमाल गुंडों की तरह किया है, जो पूरी तरह से असंवैधानिक है।
चढ़ावा चोरी के मामले पर हुड्डा ने कड़ी जांच की मांग दोहराते हुए कहा कि सरकार ने इस मुद्दे पर बहुत देरी की। उन्होंने सवाल उठाया कि जून के शुरुआती दिनों में मामला सामने आने के बावजूद FIR दर्ज करने और जांच शुरू करने में इतनी लेटलतीफी क्यों की गई? कांग्रेस का मानना है कि प्रशासनिक स्तर पर हुई चूक और सुरक्षा SOP के उल्लंघन के कारण सबूतों को नष्ट होने का बड़ा खतरा बना हुआ है, जिसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
जंतर-मंतर पर नीट छात्रों के साथ हुई बर्बरता का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि जब तक राहुल गांधी ने इस मामले को जोर-शोर से नहीं उठाया, तब तक सरकार ने FIR तक दर्ज नहीं की थी। उन्होंने मांग की कि लाठीचार्ज करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो और प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज किए गए मुकदमे फौरन वापस लिए जाएं।
पेपर लीक की समस्याओं पर बोलते हुए विपक्ष ने इसे महामारी करार दिया। हुड्डा के अनुसार, हरियाणा अब पेपर लीक का गढ़ बन चुका है, जहां पिछले कुछ सालों में 30 से अधिक भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं। बेरोजगारी की मार झेल रहे करोड़ों युवाओं का भविष्य दांव पर है और कांग्रेस सरकार को मजबूर करेगी कि वह इन घोटालों के दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करे और पारदर्शिता सुनिश्चित करे।
Author: Shivam Verma
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