नेपाल में आए भीषण प्राकृतिक संकट के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए भारतीय श्रद्धालुओं की सलामती को लेकर उनके परिवारों की चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। रिचा टूर्स के माध्यम से यात्रा पर निकले कई तीर्थयात्री अब तक लापता हैं, जिनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इस विकट स्थिति से जूझ रहे परिजनों ने अब केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय से तत्काल ठोस कदम उठाने की भावुक अपील की है, ताकि लापता लोगों की तलाश तेज की जा सके।
लापता यात्रियों के परिजनों ने भारत सरकार और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास से अनुरोध किया है कि वे नेपाल और चीनी प्रशासन के साथ मिलकर साझा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाएं। इस दर्दनाक हादसे के बाद से परिवारों द्वारा एक ऑनलाइन याचिका भी शुरू की गई है, जिसे देशकभर से भारी समर्थन मिल रहा है। अब तक हजारों लोग इस याचिका पर हस्ताक्षर कर चुके हैं और सोशल मीडिया के जरिए सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
पीड़ित परिवारों ने मांग की है कि नेपाल के प्रभावित इलाकों में उन्नत तकनीक, मलबे को हटाने वाले विशेष उपकरणों और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीमों को तुरंत भेजा जाए। इसके अलावा, डीएनए मिलान और वैज्ञानिक तरीकों से शवों की पहचान के लिए नेपाल प्रशासन के साथ मिलकर एक पारदर्शी प्रक्रिया स्थापित की जाए, ताकि अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे परिवारों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।
दूसरी ओर, नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के कारण हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। ताजा आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस आपदा में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 1,252 हो गई है, जबकि लगभग 4,875 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल सेना और स्थानीय बचाव दल पिछले कई दिनों से युद्धस्तर पर राहत और खोज अभियान में जुटे हैं, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों के न मिलने से परिवारों का दर्द गहराता जा रहा है।
Author: Shivam Verma
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