Translate Your Language :

Home » देश-विदेश » पहलगाम हमले की जांच में बड़ा खुलासा: आतंकियों के मोबाइल फोन से मिला पाकिस्तानी बैंक कनेक्शन

पहलगाम हमले की जांच में बड़ा खुलासा: आतंकियों के मोबाइल फोन से मिला पाकिस्तानी बैंक कनेक्शन

Facebook
X
WhatsApp

पहलगाम आतंकी हमले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। मारे गए आतंकियों के पास से बरामद दो मोबाइल फोन की जांच में पाकिस्तान से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं। जांच में पाया गया है कि इन फोन का संबंध पाकिस्तान के एक बैंक से था, जिसका नाम पहले भी आतंकवाद से जुड़े मामलों की जांच में सामने आ चुका है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

बरामद मोबाइल फोन से खुल रहे हैं नए राज

एनआईए और जम्मू-कश्मीर पुलिस की जांच के अनुसार, पहलगाम हमले में शामिल आतंकियों के मारे जाने के बाद उनके पास से दो शाओमी रेडमी सीरीज के मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। इनमें एक रेडमी 9T (ऑरेंज) और दूसरा रेडमी नोट 12 (ब्लैक) मॉडल का फोन था।

जांच में सामने आया कि ये दोनों फोन वर्ष 2021 में चीन से पाकिस्तान पहुंचे थे। इसके बाद वर्ष 2023 में इन्हें खरीदा गया, लेकिन लगभग दो वर्षों तक इनका उपयोग नहीं किया गया। अधिकारियों के अनुसार, इन फोन को 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम हमले से ठीक पहले सक्रिय किया गया था।

दचिगाम मुठभेड़ में मारे गए थे तीन आतंकी

28 जुलाई 2025 को दचिगाम के मुलनार महादेव क्षेत्र में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान शाह, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान और हमजा अफगानी मारे गए थे। इन्हीं आतंकियों के पास से दोनों मोबाइल फोन बरामद हुए थे, जिनकी फोरेंसिक जांच के बाद कई अहम जानकारियां सामने आई हैं।

फैसल बैंक से जुड़ा मिला एक फोन

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, रेडमी 9T फोन एक ऐसे कंसाइनमेंट का हिस्सा था जिसे पाकिस्तान की टेक सिरत प्राइवेट लिमिटेड ने आयात किया था। कंपनी का कार्यालय कराची में स्थित है।

शाओमी के रिकॉर्ड के मुताबिक यह कंसाइनमेंट जनवरी 2021 में पाकिस्तान पहुंचा था। जांच में पता चला कि इस आयात प्रक्रिया में फैसल बैंक का नाम सूचीबद्ध लॉजिस्टिक इकाई के रूप में दर्ज था। बैंक का मुख्यालय भी कराची में स्थित है।

जांच एजेंसियों का मानना है कि टेक सिरत प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से फोन आयात कराने के लिए वित्तीय सहायता संभवतः इसी बैंक के जरिए उपलब्ध कराई गई हो। रिपोर्ट के अनुसार, चीन से आए कंसाइनमेंट का डिलीवरी पता भी फैसल बैंक से जुड़ा हुआ था।

स्मगलिंग के जरिए आतंकियों तक पहुंचा फोन

जांच में यह संभावना जताई गई है कि पाकिस्तान पहुंचने के बाद यह फोन स्मगलिंग के माध्यम से लश्कर-ए-तैयबा तक पहुंचाया गया। अधिकारियों का मानना है कि फोन खरीदते समय ही इसके भविष्य में किसी आतंकी गतिविधि में इस्तेमाल की योजना बनाई गई होगी। यही कारण माना जा रहा है कि फोन को लंबे समय तक निष्क्रिय रखा गया और हमले से पहले ही सक्रिय किया गया।

पहले भी आतंकवाद से जुड़ी जांच में आया था बैंक का नाम

हालांकि अब तक फैसल बैंक का पहलगाम हमले से प्रत्यक्ष संबंध स्थापित नहीं हुआ है, लेकिन इस बैंक का नाम पहले भी आतंकवाद से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है।

वर्ष 2007 में न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि 9/11 हमलों के बाद अदालत में प्रस्तुत दस्तावेजों से यह जानकारी मिली थी कि अमेरिका में आतंकवाद को समर्थन देने वाले दो संगठनों के बैंक खाते फैसल बैंक में मौजूद थे। इनमें लश्कर-ए-तैयबा और लजनात अल दवा जैसे संगठनों के नाम शामिल बताए गए थे। लजनात अल दवा को अल-कायदा से जुड़ा संगठन माना जाता है।

बाद में बैंक की ओर से कहा गया था कि जिन ग्राहकों पर आतंकवाद से जुड़े होने के आरोप लगाए गए थे, उनके खाते पहले ही फ्रीज कर दिए गए थे।

दूसरे फोन का संबंध लाहौर की कंपनी से

जांच में यह भी सामने आया कि दूसरा मोबाइल फोन रेडमी नोट 12 था, जिसे एयर लिंक कम्युनिकेशंस लिमिटेड ने आयात किया था। इस कंपनी का कार्यालय लाहौर में स्थित है। यह फोन भी लंबे समय तक सक्रिय नहीं किया गया था।

अधिकारियों के अनुसार, आतंकियों ने शुरुआत में मोबाइल फोन का उपयोग नहीं किया और आपसी संपर्क के लिए लॉन्ग रेंज रेडियो कम्युनिकेशन का सहारा लिया। बाद में सक्रिय किए गए इन फोन से कुछ तस्वीरें, डिजिटल मैप और अन्य सामग्री बरामद हुई है।

फोन में मिले टेंट की तस्वीरें और मैप

फोरेंसिक जांच के दौरान मोबाइल फोन से कुछ तस्वीरें और नक्शे प्राप्त हुए हैं। इनमें आतंकियों के एक टेंट की तस्वीर भी शामिल है। जांच एजेंसियां इन डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही हैं ताकि हमले की पूरी साजिश, आतंकियों की गतिविधियों और उनके नेटवर्क के बारे में अधिक जानकारी जुटाई जा सके।

पहलगाम आतंकी हमले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे पाकिस्तान से जुड़े नए कनेक्शन और आतंकी नेटवर्क की परतें खुलती जा रही हैं।

Shivam Verma
Author: Shivam Verma

Description

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताजा खबरें