Parliament Mansoon Session: संसद के मानसून सत्र के दौरान आज कार्यवाही की शुरुआत के साथ ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। राज्यसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक 2026 पर चर्चा प्रस्तावित है, लेकिन उससे पहले सदन के भीतर और बाहर राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है। विपक्षी सांसदों ने सरकार की कार्यप्रणाली और गृह मंत्री अमित शाह की चुप्पी पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जिससे सदन के कामकाज में बाधा आने की पूरी संभावना बनी हुई है।
राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कड़े तेवर अपनाते हुए गृह मंत्री से पैलेट गन के इस्तेमाल की जिम्मेदारी लेने की मांग की है। सिब्बल का कहना है कि अगर छात्रों पर कार्रवाई हुई है, तो यह गृह मंत्री की सहमति के बिना संभव नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पहले पैलेट गन के उपयोग से इनकार करती रही, लेकिन जब सबूत सामने आए तो उन्हें अपनी गलती माननी पड़ी। सिब्बल ने मांग की कि गृह मंत्री को सदन में आकर अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए और घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
दूसरी ओर, भाजपा ने विपक्ष पर राजनीति करने का पलटवार किया है। भाजपा सांसद दामोदर अग्रवाल ने कहा कि राहुल गांधी केवल निजी स्वार्थ के लिए मुद्दों को बेवजह तूल दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष सदन में तथ्य रखने के बजाय केवल हंगामे में विश्वास रखता है। वहीं, भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने कहा कि देश के छात्रों को प्रधानमंत्री मोदी पर पूरा भरोसा है और कांग्रेस को अपनी सरकारों के समय हुए पेपर लीक पर पहले सफाई देनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष के विरोध को केवल दिखावा करार दिया है।
विधेयक पर चर्चा के दौरान माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने व्यवस्थागत खामियों की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि केवल नया कानून बना देने से पेपर लीक की समस्या खत्म नहीं होगी, क्योंकि वर्तमान परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता का अभाव है। जेएमएम सांसद महुआ माजी ने भी इस पर सहमति जताते हुए कहा कि कड़े कानून के नाम पर निर्दोषों को प्रताड़ित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार को जवाबदेही तय करने और परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
संसद के मकर द्वार पर आज प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई कांग्रेस सांसदों ने प्रदर्शन कर केंद्र सरकार को घेरा। प्रदर्शनकारियों का मुख्य मुद्दा सीजेपी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई था। आज दोपहर दो बजे जब राज्यसभा में सार्वजनिक परीक्षा विधेयक पर औपचारिक बहस शुरू होगी, तब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और मुकुल वासनिक विपक्ष का पक्ष रखेंगे। अब देखना यह है कि क्या यह चर्चा शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो पाती है या फिर सदन में एक बार फिर गतिरोध देखने को मिलेगा।
Author: Shivam Verma
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