Delhi News: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने हाल ही में संसद के मानसून सत्र के दौरान हुए लगातार हंगामे को लेकर कांग्रेस और विशेष रूप से नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार किया है। रिजिजू ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने सदन में एक ऐसी ‘ब्रिगेड’ तैयार कर रखी है, जिसका एकमात्र एजेंडा सिर्फ शोर-शराबा करना, नारेबाजी करना और अपशब्दों का इस्तेमाल करना है। मंत्री के अनुसार, कांग्रेस के कई अन्य सांसद भी इस स्थिति से परेशान हैं, लेकिन वे राहुल गांधी की कार्यशैली के आगे विवश हैं।
किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि सरकार हर महत्वपूर्ण मुद्दे पर सार्थक चर्चा के लिए तैयार थी, लेकिन विपक्ष चर्चा से भागने के बहाने ढूंढता रहा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसद सदन की गरिमा को तार-तार कर रहे हैं और उनका व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। रिजिजू ने कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि किसी को केवल सड़कों पर चिल्लाना ही है, तो उसे संसद में आकर समय बर्बाद करने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वहां का मंच बहस और संवाद के लिए होता है, न कि तमाशा करने के लिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस्तेमाल किए गए ‘दिमागी नक्सल’ शब्द पर मचे सियासी बवाल पर भी रिजिजू ने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अब माओवादी विचारधारा के प्रभाव में आती दिख रही है। रिजिजू के मुताबिक, ‘दिमागी नक्सल’ से तात्पर्य उन लोगों से है जो देश को टुकड़ों में बांटने की बात करते हैं, अलगाववादी ताकतों का समर्थन करते हैं और सुरक्षा बलों के बलिदान पर जश्न मनाते हैं। उन्होंने जोड़ा कि कांग्रेस का इस शब्दावली पर बिदकना यह दर्शाता है कि कहीं न कहीं वे खुद को इस विचारधारा से जोड़कर देख रहे हैं।
मंत्री ने आगे कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी नक्सलवाद को देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा माना था। रिजिजू ने दावा किया कि मोदी सरकार ने हथियार उठाने वाले नक्सलियों पर तो नकेल कसी ही है, लेकिन अब शहरी क्षेत्रों में सक्रिय ‘बौद्धिक नक्सलियों’ या ‘दिमागी नक्सलियों’ की विचारधारा से निपटना समय की मुख्य मांग है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी सोच देश की एकता और अखंडता के लिए बेहद खतरनाक है।
अंत में, रिजिजू ने राहुल गांधी को सलाह दी कि विपक्ष के नेता के रूप में उन्हें पद की मर्यादा का ख्याल रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी पर व्यक्तिगत टिप्पणी करके राहुल गांधी ने स्वयं की छवि को ही नुकसान पहुंचाया है। रिजिजू ने साफ किया कि सरकार किसी भी रचनात्मक सुझाव के लिए हमेशा खुले द्वार रखती है, लेकिन यदि कांग्रेस का उद्देश्य सिर्फ संसद को ठप करना है, तो यह लोकतंत्र के भविष्य के लिए एक चिंता का विषय है।
Author: Shivam Verma
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