Maharashtra News: महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने सरोगेट विज्ञापनों के खिलाफ एक बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। विभाग के कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने स्पष्ट कर दिया है कि तंबाकू उत्पादों का अप्रत्यक्ष प्रचार करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में बॉलीवुड के दिग्गज सितारे शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को नोटिस जारी किए गए हैं, जो विमल इलायची के प्रचार को लेकर सवालों के घेरे में हैं।
कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने एक साक्षात्कार के दौरान जोर देकर कहा कि विज्ञापन की पूरी चेन में शामिल हर एक व्यक्ति जवाबदेह है। उन्होंने कहा कि नियम सभी के लिए समान हैं और कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी सेलिब्रिटी या विज्ञापनकर्ता को छूट नहीं दी जाएगी। एफडीए का मानना है कि ये विज्ञापन प्रतिबंधित पान मसाला और तंबाकू उत्पादों का परोक्ष रूप से प्रचार करने का एक जरिया हो सकते हैं, जिसे रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
विवाद के केंद्र में खाद्य सुरक्षा और मानक विनिमय (FSSAI) के नियम हैं, जो विज्ञापन और भ्रामक दावों पर रोक लगाते हैं। एफडीए के अनुसार, यदि कोई उत्पाद अतीत में प्रतिबंधित गुटखा या तंबाकू श्रेणी में रहा है, तो उसके नाम या ब्रांड का उपयोग करके किसी अन्य उत्पाद का विज्ञापन करना नियमों का सरासर उल्लंघन है। अधिकारियों का कहना है कि यह विनियम 2018 में अस्तित्व में आया और अब इसे सख्ती से लागू किया जा रहा है।
प्रशासन की यह कार्रवाई सिर्फ बॉलीवुड हस्तियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि खाद्य सुरक्षा के मानकों को तोड़ने वाले हर संस्थान पर गाज गिर रही है। हाल ही में एफडीए ने राज्य भर में कई ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स और गोदामों पर छापेमारी की है। कई प्रतिष्ठानों के लाइसेंस स्वच्छता नियमों और अन्य खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के कारण निलंबित कर दिए गए हैं।
भविष्य में भी एफडीए की यह व्यापक जांच जारी रहेगी। कमिश्नर ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अगर कोई भी ब्रांड या व्यक्ति सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक या प्रिंट मीडिया के जरिए गलत दावों या सरोगेट एडवर्टाइजिंग का सहारा लेता पाया जाता है, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई तय है। नोटिस मिलने वाले सभी पक्षों को अब प्रशासन के सामने अपना पक्ष रखना होगा कि उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई क्यों न की जाए।
Author: Shivam Verma
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