Sultanpur News: शहर के शाहगंज पुरानी बाजार में स्थित एक पुराने विवादित मकान को लेकर चल रहे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। इस मकान में रहने वाले दिव्यांग अभिषेक सिंह की शिकायत पर एसडीएम सदर बिपिन द्विवेदी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए नगर कोतवाल और तहसीलदार सदर को निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ पर तत्काल रोक लगाई जाए और पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
52 वर्षों से रह रहा है परिवार, अब हटाने की हो रही है कोशिश
दिव्यांग अभिषेक सिंह का कहना है कि वह इस मकान में अपने दिवंगत पिता सुरेंद्र सिंह (एडवोकेट) और दादी सुशीला सिंह के साथ पिछले करीब 52 वर्षों से रह रहे हैं। उनका दावा है कि यह भवन नजूल भूमि पर स्थित है और इससे जुड़ा मामला सिविल कोर्ट में लम्बे समय से विचाराधीन है। इसके बावजूद कुछ प्रभावशाली लोग बिना कोर्ट के निर्णय के जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।
सेटिंग-गेटिंग के आरोप, बिना आदेश हो रही तोड़फोड़
शिकायत के अनुसार, जब पूर्व भवन स्वामी के वारिस कोर्ट में मुकदमे में सफलता नहीं पा सके तो उन्होंने कथित तौर पर मकान को उषा बरनवाल पत्नी संजय बरनवाल के नाम बैनामा कर दिया। इसके बाद कुछ रसूखदार लोगों की मदद से सेटिंग-गेटिंग कर मकान को जर्जर बताकर कब्जे की तैयारी शुरू कर दी गई।
अभिषेक सिंह का आरोप है कि बैनामे के नाम पर लंबित कोर्ट केस की अनदेखी करते हुए, तोड़फोड़ की जा रही है। बताया जा रहा है कि संबंधित विभाग की रिपोर्ट को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया, जिससे ऐसा लगे कि मकान गिराने की अनुमति प्राप्त है, जबकि राजस्व विभाग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस तरह की कार्रवाई के लिए कोई वैधानिक प्रावधान नहीं है।
नजूल भूमि से जुड़ा है मामला, कोई स्पष्ट निर्णय नहीं
जांच में यह भी सामने आया है कि यह पूरा मामला नजूल भूमि से जुड़ा हुआ है। अदालत में मुकदमा लंबित है और अभी तक किसी पक्ष के पक्ष में कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। इसके बावजूद, उषा बरनवाल पक्ष द्वारा कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।
एसडीएम बोले – “तोड़फोड़ की कोई अनुमति नहीं दी गई”
इस प्रकरण पर एसडीएम सदर बिपिन द्विवेदी ने कहा कि उन्होंने खुद इस मामले में किसी को भी मकान गिराने या कब्जा करने की अनुमति नहीं दी है। उन्होंने तहसीलदार व नगर कोतवाल को निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार की जबरन कार्रवाई को तुरंत रोका जाए और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
दिव्यांग की कोई और जगह नहीं, जल्द हो सकती है बड़ी कार्रवाई
अभिषेक सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और एसडीएम सहित कई अधिकारियों को पत्र भेजकर इस प्रकरण की जानकारी दी है और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके पास रहने के लिए और कोई स्थान नहीं है। उनकी इस स्थिति को देखते हुए जिम्मेदार अफसरों द्वारा जल्द ही और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।











