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UP News: MLC अक्षय प्रताप सिंह समेत कई लोगों पर FIR दर्ज करने का आदेश, भानवी कुमारी सिंह ने लगाए गंभीर आरोप

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UP News:  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बड़ा राजनीतिक और कानूनी मामला सामने आया है। MP-MLA कोर्ट ने MLC अक्षय प्रताप सिंह समेत कई लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और कंपनी की संपत्तियों को हड़पने के आरोप में FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। यह आदेश राजा भैया की पत्नी भानवी कुमारी सिंह द्वारा दाखिल अर्जी पर सुनवाई के बाद दिया गया। कोर्ट के निर्देश के बाद अब हजरतगंज कोतवाली पुलिस मामले की जांच करेगी।

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हजरतगंज इंस्पेक्टर को FIR दर्ज करने के निर्देश

विशेष ACJM आलोक वर्मा की अदालत ने इंस्पेक्टर हजरतगंज को आदेश दिया है कि मामले में FIR दर्ज कर विधिक कार्रवाई और विवेचना शुरू की जाए। इस मामले में MLC अक्षय प्रताप सिंह, रोहित कुमार सिंह, अनिल सिंह और रामदेव यादव सहित अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है।

साझेदारी फर्म और करोड़ों की संपत्तियों का मामला

भानवी कुमारी सिंह की ओर से अदालत में दाखिल अर्जी में कहा गया है कि 10 फरवरी 2014 को उन्होंने और अन्य साझेदारों ने मिलकर एक साझेदारी फर्म का पंजीकरण कराया था। अर्जी के अनुसार, सभी साझेदारों ने फर्म में करोड़ों रुपये का निवेश किया था।

शिकायत में बताया गया कि फर्म के नाम पर समय के साथ कई चल और अचल संपत्तियां खरीदी गईं, जिनकी वर्तमान बाजार कीमत 5 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।

फर्जी दस्तावेज और हस्ताक्षर बनाने का आरोप

भानवी कुमारी सिंह ने आरोप लगाया है कि बाद में अक्षय प्रताप सिंह और उनके सहयोगियों ने फर्म की मूल्यवान संपत्तियों पर कब्जा करने की साजिश रची। शिकायत के मुताबिक, साझेदारी से जुड़े आधिकारिक अभिलेखों में कथित तौर पर हेराफेरी कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। अर्जी में यह भी दावा किया गया है कि 15 नवंबर 2020 की तारीख में उनके फर्जी हस्ताक्षर बनाकर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए।

सत्र अदालत और हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला

इस मामले में पहले विशेष एसीजेएम कोर्ट ने मुकदमा दर्ज करने के बजाय अर्जी को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ भानवी कुमारी सिंह ने सत्र न्यायालय में निगरानी याचिका दाखिल की थी। सत्र अदालत ने 18 फरवरी को निचली अदालत के आदेश को निरस्त करते हुए मजिस्ट्रेट कोर्ट को दोबारा सुनवाई कर नया आदेश पारित करने के निर्देश दिए थे।

इसके बाद अक्षय प्रताप सिंह ने सत्र अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने 26 मार्च को उनकी याचिका खारिज कर दी और सत्र अदालत के आदेश को सही ठहराया।हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद अब एसीजेएम कोर्ट ने पुलिस को मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू करने का आदेश दिया है।

राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल

इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

Shivam Verma
Author: Shivam Verma

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