Telangana News: देश में राष्ट्रगीत वंदे मातरम को लेकर चल रही राजनीतिक गर्मागर्म बहस के बीच भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेता पेराला शेखर राव ने एक नया और तीखा बयान दिया है। उन्होंने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को खुली चुनौती देते हुए कहा है कि पार्टी को अपने ही कार्यकर्ताओं के बीच इस विषय पर एक आंतरिक जनमत संग्रह करवाना चाहिए ताकि वास्तविकता देश के सामने आ सके।
समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए भाजपा नेता ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय महत्व के इस मुद्दे को किसी एक राजनीतिक दल की सीमाओं में नहीं बांधा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, भारत की आम जनता के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी के भीतर भी बड़ी संख्या में ऐसे लोग मौजूद हैं जो वंदे मातरम के प्रति गहरी आस्था रखते हैं और इसका पूरा सम्मान करते हैं।
पेराला शेखर राव ने आगे तर्क देते हुए कहा कि यदि कांग्रेस नेतृत्व अपने संगठन के भीतर पारदर्शिता और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखता है, तो उसे कार्यकर्ताओं की राय जानने से डरना नहीं चाहिए। इस प्रकार के सर्वे या जनमत संग्रह से यह दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा कि जमीनी स्तर पर पार्टी का कैडर राष्ट्रगीत का समर्थन करता है या नहीं।
सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए भाजपा नेता ने कहा कि वंदे मातरम को किसी एक संप्रदाय विशेष के दायरे में देखना पूरी तरह से अनुचित है। इसे भारत की प्राचीन संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता, सभ्यता और समृद्ध राष्ट्रवाद की ऐतिहासिक विरासत के रूप में देखा जाना चाहिए, जो सदियों से देश की पहचान का अहम हिस्सा रही है।
अंत में उन्होंने आरोप लगाया कि शीर्ष कांग्रेस नेतृत्व जानबूझकर इस संवेदनशील विषय पर संकीर्ण राजनीति कर रहा है और राष्ट्रगीत के केवल चुनिंदा हिस्सों को ही स्वीकार करने की बात कहता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अनावश्यक राजनीति बंद होनी चाहिए और देश की सांस्कृतिक धरोहर को सर्वोपरि रखना चाहिए।











