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Karwa Chauth 2026: करवा चौथ पर आज बन रहे हैं 4 खास शुभ मुहूर्त, जानिए चांद निकलने का सही समय और पूजा की विधि

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सुहागिनों का सबसे बड़ा और पवित्र पर्व करवा चौथ आज देश भर में बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है. इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए सूर्योदय से लेकर चंद्र दर्शन तक निर्जला व्रत रखती हैं. हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल करवा चौथ के पावन अवसर पर दिनभर में कुल चार बेहद शुभ मुहूर्त बन रहे हैं, जिनका लाभ सुहागिनें पूजा-पाठ के दौरान उठा सकती हैं.

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ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, आज के दिन पूजा के लिए कई बेहतरीन समय उपलब्ध हैं. इस खास पर्व पर अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:42 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक रहेगा, जबकि विजय मुहूर्त दोपहर 1:56 बजे से 2:40 बजे तक तय किया गया है. इसके अलावा मुख्य करवा चौथ पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:38 बजे से शुरू होकर शाम 6:56 बजे तक रहेगा. वहीं रात के समय निशीता मुहूर्त रात 11 बजे से शुरू होकर अगले दिन दोपहर 12:31 बजे तक प्रभावी रहेगा.

व्रत रखने वाली महिलाओं को सबसे ज्यादा इंतजार चांद के दीदार का होता है. अनुमान के मुताबिक आज रात लगभग 8 बजकर 17 मिनट पर चंद्रोदय हो सकता है. हालांकि, यह समय अलग-अलग शहरों और भौगोलिक स्थितियों के आधार पर थोड़ा भिन्न हो सकता है. मौसम और बादलों की स्थिति को देखते हुए हर शहर में चांद दिखने का समय बदल सकता है, इसलिए व्रती महिलाओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने स्थानीय पंचांग या मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें.

करवा चौथ की पूजा की शुरुआत सुबह सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण करने के साथ होती है. इसके बाद महिलाएं पूरा दिन बिना अन्न और जल के बिताती हैं. शाम के वक्त माता पार्वती, भगवान शिव, गणेश जी और करवा माता की विधि-विधान से पूजा की जाती है. पूजा के दौरान व्रत कथा सुनना अनिवार्य माना जाता है, जो इस पर्व के धार्मिक और पौराणिक महत्व को और ज्यादा गहरा करती है.

पौराणिक कथाओं के अनुसार, साहूकार की पुत्री वीरवती ने भाइयों के प्रेम के कारण भ्रमवश जल्दी व्रत खोल लिया था, जिसके बाद उसे कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था. लेकिन अपनी सच्ची श्रद्धा और नियमों के पालन से उसने दोबारा अपने पति को प्राप्त किया था. आज के दिन भी महिलाएं चांद को छलनी से देखने और पति के हाथों जल ग्रहण करने के बाद ही अपने कठिन उपवास का पारण करती हैं.

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