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एमएलसी चुनाव में आचार्य इंदु प्रकाश की पत्नी स्मिता मिश्रा की हार पर सोशल मीडिया पर क्यों उड़ रहा है मजाक

Smita Mishra Lucknow Graduate MLC Election Defeat
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देश के जाने-माने ज्योतिषाचार्य आचार्य इंदु प्रकाश मिश्रा इन दिनों सोशल मीडिया पर भारी ट्रोलिंग का शिकार हो रहे हैं. इसकी मुख्य वजह लखनऊ खंड स्नातक एमएलसी चुनाव में उनकी पत्नी स्मिता मिश्रा को मिली करारी हार है. लोगों का कहना है कि जो शख्स दूसरों का भविष्य देखने और भविष्यवाणी करने का दावा करता है, वह अपनी ही पत्नी के राजनीतिक भविष्य का सही अंदाजा नहीं लगा सका.

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मालूम हो कि चुनाव से पहले स्मिता मिश्रा ने कांग्रेस पार्टी का दामन थामा था और उन्हें पार्टी से टिकट मिलने की पूरी उम्मीद थी. हालांकि, जब कांग्रेस ने उन्हें चुनावी मैदान में नहीं उतारा तो उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपनी किस्मत आजमाने का फैसला किया. लेकिन चुनावी नतीजे उनके पक्ष में नहीं आए और उन्हें 300 वोट भी हासिल नहीं हो सके, जिसके बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने ज्योतिषीय दावों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए.

सोशल मीडिया पर लोग आचार्य इंदु प्रकाश मिश्रा की उन भविष्यवाणियों का हवाला देकर मजे ले रहे हैं, जिनमें वे अंतरराष्ट्रीय स्तर की बड़ी घटनाओं का पूर्वानुमान लगाने का दावा करते हैं. यूजर्स का कहना है कि जो विशेषज्ञ लोगों की समस्याओं के निवारण के लिए ज्योतिषीय उपाय बताते हैं, उन्होंने अपने घर में इस चुनावी हार को टालने के लिए कोई उपाय क्यों नहीं किया. इस मजेदार और हैरान करने वाले घटनाक्रम की चर्चा हर तरफ हो रही है.

वहीं, दूसरी ओर स्मिता मिश्रा ने मीडिया से बातचीत में साफ किया कि उन्होंने अपने पति से इस चुनाव को लेकर कोई भविष्यवाणी नहीं कराई थी. उन्होंने कहा कि उन्होंने यह चुनाव किसी सत्ता या पद की लालसा के लिए नहीं बल्कि जनता की सेवा करने के उद्देश्य से लड़ा था. स्मिता ने अपनी हार के बावजूद जनता के बीच जाकर भरपूर प्रचार किया था और कई सामाजिक संगठनों ने उनका समर्थन भी किया था.

चुनाव में मिली शिकस्त के बाद स्मिता मिश्रा ने मतदान प्रक्रिया और व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उनका आरोप है कि कई पोलिंग बूथों पर उनके एजेंटों को बैठने नहीं दिया गया और बड़े पैमाने पर फर्जी वोटिंग कराई गई. उनका दावा है कि उन्होंने वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए हजारों फॉर्म भरे थे, लेकिन इसके बावजूद कई समर्थकों के नाम सूची से गायब मिले.

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