Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में पोस्टरों की सियासत कोई नई बात नहीं है, लेकिन हर बार जब ऐसा कुछ होता है, तो इसकी गूंज सिर्फ लखनऊ तक ही सीमित नहीं रहती, बल्कि दिल्ली की गलियों तक सुनाई देती है। ताज़ा मामला अंबेडकर नगर में हुई बुलडोजर कार्रवाई के बाद सामने आया है, जहां समाजवादी पार्टी (सपा) के एक पोस्टर ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।
‘फर्क साफ है’: सरकार को बताया ‘भक्षक’, अखिलेश बने ‘रक्षक’
मंगलवार को लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय के सामने एक विशेष पोस्टर लगाया गया। यह पोस्टर अमेठी के सपा कार्यकर्ता जयसिंह प्रताप यादव की ओर से लगवाया गया, जिसमें उन्होंने प्रदेश सरकार की बुलडोजर नीति को ‘भक्षक’ और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को ‘रक्षक’ के रूप में प्रस्तुत किया है।
पोस्टर में दो प्रमुख तस्वीरें हैं— पहली में एक बच्ची अपने हाथों में किताबें लेकर डर के मारे भाग रही है और पीछे बुलडोजर दिखाई दे रहा है। यह तस्वीर 24 मार्च को अंबेडकर नगर में अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान की बताई जा रही है। वहीं दूसरी तस्वीर में अखिलेश यादव उसी बच्ची से मिलते हुए और उसे बैग भेंट करते हुए नजर आ रहे हैं।
पोस्टर में एक इमोशनल संदेश भी लिखा गया है— “एक आँसू भी हुकूमत के लिए खतरा है, तुम ने देखा नहीं आँखों का समुंदर होना।” यह लाइन सरकार की नीतियों पर सवाल उठाती है और आमजन की पीड़ा को उजागर करने की कोशिश करती है।
क्या है मामला?
24 मार्च को अंबेडकर नगर जिले के जलालपुर क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन ने बुलडोजर अभियान चलाया था। इस दौरान कई झोपड़ियां ध्वस्त की गईं। उसी समय एक 8 वर्षीय बच्ची का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह अपने किताबों को बचाने के लिए दौड़ रही थी और उसके पीछे बुलडोजर आ रहा था। यह दृश्य लोगों की भावनाओं को झकझोर गया।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वायरल वीडियो को संज्ञान में लेते हुए उस बच्ची से मुलाकात की और उसे शिक्षा सामग्री और बैग भेंट किया। इस मुलाकात की तस्वीर को पोस्टर में दर्शाया गया, जिससे सपा यह संदेश देना चाह रही है कि जब सरकार बुलडोजर चला रही थी, तब अखिलेश यादव उस बच्ची के भविष्य को संवारने का काम कर रहे थे।
फर्क साफ है’ पोस्टर से सियासी संग्राम तेज, बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ अखिलेश यादव को बताया गया ‘रक्षक’#SamajwadiParty #AkhileshYadav #PawannKalyan pic.twitter.com/J8cCBNqWPE
— Samrat News tv (@SamratNewsTv) April 8, 2025
विपक्ष और सत्ता के बीच पोस्टर की जंग
यह पोस्टर वॉर दरअसल एक बड़ा संदेश देने की कोशिश है— एक ओर सरकार की सख्त नीति और दूसरी ओर विपक्ष की संवेदनशीलता। इससे पहले भी उत्तर प्रदेश की राजनीति में ऐसे पोस्टरों के जरिए सत्तारूढ़ सरकार और विपक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करते रहे हैं। अब देखना यह है कि इस बार यह पोस्टर वॉर क्या असर डालता है और सरकार की ओर से इसका क्या जवाब आता है।











