Hamirpur News: राठ तहसील क्षेत्र के ग्राम औड़ेरा में लोक निर्माण विभाग (PWD) खंड संख्या 2 की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। गांव से राठ और सैदपुर को जोड़ने वाली मुख्य सड़क, जिसे महज 6 महीने पहले “गड्ढा मुक्त” घोषित किया गया था, आज पूरी तरह जर्जर स्थिति में पहुंच चुकी है।
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क निर्माण के नाम पर केवल औपचारिकताएं पूरी की गईं। स्थिति यह है कि सड़क बनने के एक महीने के भीतर ही उखड़ने लगी थी और अब पूरी सड़क बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर चलना किसी खतरे से कम नहीं है।
गांव निवासी चरणसिंह, मंगल, अंतू, जगभान, रमाशंकर, कल्लू, रामशरण और अवधेश सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार सड़क के चौड़ीकरण और स्थायी मरम्मत की मांग की, लेकिन हर बार विभाग द्वारा केवल लीपापोती कर मामले को टाल दिया गया। उनका आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या पर चुप्पी साधे हुए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। उन्होंने ठेकेदारों और लोक निर्माण विभाग खंड-2 के अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उनका मानना है कि यदि निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ किया गया होता, तो सड़क इतनी जल्दी खराब नहीं होती।
यह सवाल भी उठ रहा है कि जब “गड्ढा मुक्त” घोषित सड़क एक महीने के भीतर ही खराब हो जाए, तो इसे केवल लापरवाही माना जाए या इसके पीछे भ्रष्टाचार की बड़ी कहानी छिपी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क का पुनः उच्च गुणवत्ता के साथ निर्माण कराया जाए, दोषी ठेकेदार और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो, और सड़क का चौड़ीकरण भी किया जाए।
औड़ेरा की यह सड़क अब केवल एक मार्ग नहीं, बल्कि व्यवस्था की लापरवाही और संभावित भ्रष्टाचार का प्रतीक बन चुकी है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कब तक ठोस कदम उठाता है। इस संबंध में जब लोक निर्माण विभाग खंड-2 के अधिशाषी अभियंता दृगपाल वर्मा से बात की गई, तो उन्होंने जल्द ही जर्जर सड़क को दोबारा गड्ढा मुक्त कराने का आश्वासन दिया है।
रिपोर्ट – प्रतीक तिवारी
Author: Shivam Verma
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