Maharashtra News: महाराष्ट्र के नागपुर शहर से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया है। भीषण गर्मी के बीच 77 वर्षीय सेवानिवृत्त रक्षा कर्मचारी गंगाधर भोंगड़े की घर में फिसलकर मौत हो गई। उनके निधन के बाद बिस्तर पर पड़ी उनकी 75 वर्षीय लकवाग्रस्त पत्नी कौशल्या भोंगड़े कई दिनों तक भूख, प्यास और असहाय स्थिति में तड़पती रहीं और अंततः उन्होंने भी दम तोड़ दिया। दोनों के शव शुक्रवार को उनके बंद घर से बरामद किए गए।
40 साल का साथ, दर्दनाक अंत
वाड़ी पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत महदा कॉलोनी के दावलामेठी इलाके में रहने वाले गंगाधर और कौशल्या भोंगड़े ने करीब चार दशक साथ बिताए थे। गंगाधर रक्षा विभाग से सेवानिवृत्त थे और अपनी पत्नी की वर्षों से देखभाल कर रहे थे। कौशल्या लंबे समय से लकवाग्रस्त थीं और पूरी तरह अपने पति पर निर्भर थीं।
दंपति की अपनी कोई संतान नहीं थी, लेकिन गंगाधर ने कौशल्या की पहली शादी से हुए चार बच्चों को अपनाया था। इनमें दो बेटे और दो बेटियां थीं। परिवार के अनुसार, सबसे बड़ा बेटा वर्ष 2018 में घर छोड़कर चला गया था और फिर कभी वापस नहीं लौटा। वहीं सबसे छोटे बेटे का वर्ष 2025 में निधन हो गया था। बड़ी बेटी ही दंपति से नियमित संपर्क में रहती थी और अलग रहते हुए उनकी देखभाल करती थी।
तबीयत बिगड़ने की जानकारी बेटी को दी थी
पुलिस और पड़ोसियों के मुताबिक, शनिवार (23 मई) को गंगाधर भोंगड़े ने अपनी बड़ी बेटी को फोन कर अपनी बिगड़ती तबीयत के बारे में बताया था। उन्होंने अस्पताल जाने की इच्छा जताई थी और साथ ही कहा था कि उनकी अनुपस्थिति में कौशल्या की देखभाल के लिए किसी की व्यवस्था की जाए।
बताया जाता है कि बेटी ने जून के पहले सप्ताह में आने का आश्वासन दिया था, लेकिन इससे पहले ही हालात बेहद गंभीर हो चुके थे।
बदबू आने पर हुआ घटना का खुलासा
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार (29 मई) को दंपति के बंद घर से तेज दुर्गंध आने लगी। इससे पड़ोसियों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने तुरंत कौशल्या के दामाद मोहम्मद गौस को सूचना दी। इसके बाद जब दरवाजा तोड़ा गया और लोग घर के भीतर पहुंचे, तो एक भयावह दृश्य सामने आया। गंगाधर भोंगड़े का शव रसोई में पड़ा मिला, जबकि कौशल्या भोंगड़े का शव बेडरूम में उनके बिस्तर पर मिला।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गंगाधर रसोई में काम करते समय फिसल गए थे। गिरने से उन्हें गंभीर चोट लगी और वह उठ नहीं सके। सहायता न मिलने के कारण उनकी वहीं मौत हो गई। उनका सामान्य मोबाइल फोन भी शव के पास बंद अवस्था में मिला। इससे संकेत मिलता है कि दुर्घटना के बाद वह किसी से संपर्क नहीं कर सके।
पति के बाद कई दिन तक जिंदा रहीं कौशल्या
जांच में यह भी सामने आया है कि लकवाग्रस्त कौशल्या पूरी तरह अपने पति पर निर्भर थीं। पति के गिरने और मृत्यु के बाद वह न तो किसी को मदद के लिए बुला सकीं और न ही भोजन या पानी तक पहुंच सकीं। नागपुर की भीषण गर्मी, डिहाइड्रेशन और कई दिनों तक भोजन-पानी न मिलने की स्थिति ने उनकी हालत लगातार बिगाड़ दी। अनुमान है कि गंगाधर की मौत के बाद कौशल्या कुछ दिन तक जीवित रहीं, लेकिन अंततः उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
अखबारों से मिला घटना के समय का सुराग
घर के बाहर 27, 28 और 29 मई के अखबार पड़े मिले, जिनसे आशंका जताई जा रही है कि यह हादसा 26 मई की रात के आसपास शुरू हुआ था। पुलिस के अनुसार, गंगाधर के शव में सड़न अधिक थी, जबकि कौशल्या के शव में अपेक्षाकृत कम सड़न पाई गई। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि पत्नी की मृत्यु पति के कुछ दिन बाद हुई।
पड़ोसियों ने बताया कि दंपति को संगीत सुनने का बेहद शौक था। उनके घर में रेडियो लगातार बजता रहता था। इसी वजह से आसपास के लोगों को लंबे समय तक किसी अनहोनी का संदेह नहीं हुआ।
पुलिस जांच जारी
घटना की सूचना मिलते ही वाड़ी पुलिस मौके पर पहुंची और फॉरेंसिक वैन तथा स्निफर डॉग्स की सहायता से जांच शुरू की। जांच के दौरान घर में चोरी, लूटपाट या किसी अन्य संदिग्ध गतिविधि के कोई संकेत नहीं मिले। प्रारंभिक जांच में यह मामला प्राकृतिक परिस्थितियों में हुई, लेकिन बेहद दर्दनाक और अकेली मौत का प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और आगे की जांच जारी है।
Author: Shivam Verma
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