Prateek Yadav Death: उत्तर प्रदेश की राजनीति के सबसे चर्चित परिवारों में शामिल यादव परिवार से आई एक खबर ने हर किसी को हैरान कर दिया है। समाजवादी पार्टी के संरक्षक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव का निधन हो गया है। हालांकि उनकी अचानक हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं और अब इस मामले में जांच की मांग तेज हो गई है।
मंगलवार सुबह लखनऊ के सिविल अस्पताल में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब परिवार के लोग प्रतीक यादव को लेकर वहां पहुंचे। अस्पताल प्रशासन के अनुसार सुबह करीब 5 बजकर 55 मिनट पर उन्हें अस्पताल लाया गया था, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों का कहना है कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी पल्स बंद हो चुकी थी। एक फिट और युवा व्यक्ति की अचानक मौत ने पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।
सपा सचिव कमलापति ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
प्रतीक यादव की मौत के बाद समाजवादी पार्टी के भीतर भी हलचल तेज हो गई है। पार्टी के सचिव कमलापति ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रतीक यादव, मुलायम सिंह यादव के बेहद करीबी और लाडले थे तथा इतनी कम उम्र में उनकी अचानक मौत सामान्य प्रतीत नहीं होती।
कमलापति ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी क्या परिस्थितियां बनीं कि एक स्वस्थ युवा की अचानक जान चली गई। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि पोस्टमार्टम और जांच प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जाए, ताकि परिवार और जनता के सामने सच्चाई आ सके।
KGMU में डॉक्टरों का विशेष पैनल कर रहा पोस्टमार्टम
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने प्रतीक यादव के शव को पोस्टमार्टम के लिए किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) भेज दिया है। यहां 3 से 5 डॉक्टरों का विशेष पैनल पोस्टमार्टम कर रहा है। इस प्रक्रिया का नेतृत्व डॉक्टर मौसमी सिंह कर रही हैं और उनके साथ फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भी मौजूद है।
पूरे पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराई जा रही है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद या संदेह की स्थिति न बने। इसके अलावा पोस्टमार्टम से पहले प्रतीक यादव के चेस्ट का एक्स-रे भी कराया गया है, जिससे शरीर के अंदर किसी संभावित समस्या का पता लगाया जा सके।
हादसे के वक्त शहर से बाहर थीं अपर्णा यादव
जानकारी के अनुसार, जब यह घटना हुई तब प्रतीक यादव की पत्नी और भाजपा नेता अपर्णा यादव लखनऊ में मौजूद नहीं थीं। वह किसी काम से शहर से बाहर गई हुई थीं। घटना की सूचना मिलते ही वह तुरंत लखनऊ के लिए रवाना हो गईं।
पोस्टमार्टम हाउस के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। वहां परिवार के कई सदस्य मौजूद हैं, जिनमें अपर्णा यादव के भाई अमन बिष्ट भी शामिल हैं। ब्रिटेन से पढ़ाई करने वाले और लखनऊ में अपना जिम संचालित करने वाले प्रतीक यादव की अचानक मौत से राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही क्षेत्रों में शोक और हैरानी का माहौल है। अब सभी की नजरें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे मौत की असली वजह सामने आने की उम्मीद की जा रही है।
Author: Shivam Verma
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