Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने न्याय व्यवस्था और युवाओं के भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्राम पैगानगरी निवासी लादेन मंसूरी, जो वर्तमान में LLB के छात्र हैं, ने खुद को एक फर्जी मुकदमे में फंसाए जाने का आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है।
छात्र का आरोप है कि गांव के ही निवासी आशिक अली ने मीरगंज थाने में दर्ज कराए गए एक आपराधिक मुकदमे में दुर्भावनावश उनका नाम शामिल कराया है। लादेन मंसूरी का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई गांव की चुनावी रंजिश और गुटबाजी का परिणाम है, जिसका उद्देश्य उनके करियर और भविष्य को नुकसान पहुंचाना है।
छात्र ने पेश किए बेगुनाही के तर्क
डीआईजी को सौंपे गए प्रार्थना पत्र में लादेन मंसूरी ने अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदु रखे हैं। उनका कहना है कि जिस समय की घटना बताई जा रही है, उस वक्त वह घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं थे।
छात्र ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य वीडियो साक्ष्यों की गहनता से जांच कराई जाए। उनका मानना है कि तकनीकी साक्ष्य सामने आने के बाद सच्चाई स्वतः स्पष्ट हो जाएगी।
“झूठा आरोप मेरे भविष्य को बर्बाद कर देगा”
लादेन मंसूरी ने कहा कि वह कानून की पढ़ाई कर रहे हैं और भविष्य में समाज को न्याय दिलाने का सपना देखते हैं। ऐसे में यदि उन पर झूठे आरोपों का दाग लग जाता है, तो इसका सीधा असर उनके पूरे करियर और भविष्य पर पड़ेगा।
उन्होंने कहा, “मैं कानून का छात्र हूँ और समाज में न्याय स्थापित करने का सपना देखता हूँ। अगर मुझे झूठे मुकदमे में फंसाया गया, तो मेरा पूरा भविष्य खतरे में पड़ जाएगा।”
DIG ने निष्पक्ष जांच का दिया आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी ने छात्र को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। वहीं कानून के जानकारों का भी मानना है कि किसी भी छात्र या युवक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने से पहले उपलब्ध साक्ष्यों की गहन पुष्टि आवश्यक है, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति का भविष्य व्यक्तिगत रंजिश की भेंट न चढ़े। इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और त्वरित होनी चाहिए, ताकि सच्चाई जल्द सामने आ सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि मोबाइल सर्विलांस, तकनीकी साक्ष्य और स्थानीय जांच के आधार पर पुलिस प्रशासन को जल्द निष्कर्ष तक पहुंचना चाहिए, जिससे किसी निर्दोष छात्र का भविष्य सुरक्षित रह सके।
Author: Shivam Verma
Description










