बेहतर शिक्षा, नौकरी और स्थायी भविष्य के सपनों के साथ कनाडा पहुंचे हजारों भारतीय छात्रों की मेहनत की कमाई अब एक बड़े विवाद के केंद्र में आ गई है। ओंटारियो स्थित Conestoga College को लेकर सामने आई सरकारी ऑडिट रिपोर्ट ने कनाडा के अंतरराष्ट्रीय शिक्षा सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कॉलेज ने विदेशी छात्रों, खासकर अंतरराष्ट्रीय दाखिलों, के जरिए कुछ ही वर्षों में रिकॉर्ड कमाई की। वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बाद ओंटारियो सरकार ने कॉलेज को प्रशासनिक निगरानी में ले लिया है।
कनाडा पढ़ाई के लिए बना था भारतीय छात्रों की पहली पसंद
पिछले कुछ वर्षों में कनाडा भारतीय छात्रों के लिए पढ़ाई का सबसे पसंदीदा देशों में शामिल रहा। बेहतर शिक्षा, अच्छी नौकरी और स्थायी रूप से बसने की उम्मीद लेकर हर साल हजारों भारतीय छात्र वहां पहुंचे। इन सपनों को पूरा करने के लिए कई परिवारों ने अपनी जमीन-जायदाद तक बेच दी, जबकि कई लोगों ने भारी कर्ज लेकर फीस और रहने का खर्च जुटाया।
परिवारों को उम्मीद थी कि कनाडा की शिक्षा उनके बच्चों को बेहतर भविष्य देगी, लेकिन अब सामने आए खुलासों ने इन उम्मीदों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विदेशी छात्रों की संख्या बढ़ी, कॉलेज की कमाई तीन गुना पहुंची
सरकारी ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, 2021 से 2023 के बीच Conestoga College में विदेशी छात्रों की संख्या में करीब 150 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई। इसी अवधि में कॉलेज की कुल आय लगभग तीन गुना तक पहुंच गई।
कनाडा में अंतरराष्ट्रीय छात्रों से स्थानीय छात्रों की तुलना में कई गुना अधिक फीस ली जाती है। ऐसे में विदेशी छात्र कॉलेजों के लिए सबसे बड़ा राजस्व स्रोत बन गए थे। रिपोर्ट में यह भी संकेत मिला कि कॉलेज की आर्थिक निर्भरता तेजी से अंतरराष्ट्रीय छात्रों की फीस पर बढ़ती चली गई।
भारतीय छात्रों को झेलनी पड़ीं मुश्किलें
कनाडा पहुंचे कई भारतीय छात्रों को वहां पहुंचने के बाद गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा। भारी फीस चुकाने के बावजूद उन्हें महंगे किराए, रहने की सीमित सुविधाओं और नौकरी की कमी जैसी परेशानियों से गुजरना पड़ा।
कई छात्र छोटे-छोटे कमरों में कई लोगों के साथ रहने को मजबूर हुए। पढ़ाई के साथ खर्च चलाने के लिए उन्हें छोटे-मोटे काम करने पड़े, जबकि कई छात्रों को उम्मीद के मुताबिक रोजगार भी नहीं मिल सका।
ऑडिट में सामने आए चौंकाने वाले खर्च
सरकारी जांच में कॉलेज प्रशासन के खर्चों को लेकर भी कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं। ऑडिट रिपोर्ट में बताया गया कि:
पूर्व अध्यक्ष को 55 प्रतिशत तक वेतन वृद्धि दी गई।
उन्हें भारी-भरकम सेवरेंस पैकेज प्रदान किया गया।
तीन वरिष्ठ अधिकारियों की इटली यात्रा पर हजारों डॉलर खर्च किए गए।
एक स्टाफ डिनर में शराब पर बड़ी रकम खर्च की गई।
इन खुलासों के बाद यह बहस तेज हो गई है कि विदेशी छात्रों से वसूली गई भारी फीस का इस्तेमाल आखिर किस तरह किया जा रहा था।
कोविड के बाद विदेशी छात्रों की फीस पर बढ़ी निर्भरता
विशेषज्ञों का मानना है कि कोविड महामारी के बाद कनाडा के कई कॉलेज विदेशी छात्रों की फीस पर जरूरत से ज्यादा निर्भर हो गए थे। बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय छात्रों को दाखिला तो दिया गया, लेकिन उनके लिए पर्याप्त आवास और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित नहीं की गईं।
अब कनाडा सरकार द्वारा छात्र वीजा नियम सख्त किए जाने के बाद कई कॉलेज आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं।
ओंटारियो सरकार ने लिया प्रशासनिक नियंत्रण
वित्तीय अनियमितताओं और विवादित खर्चों के आरोपों के बाद ओंटारियो सरकार ने Conestoga College को प्रशासनिक निगरानी में ले लिया है। अब कॉलेज के खर्चों और प्रशासनिक फैसलों की सीधी जांच की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद कनाडा के शिक्षा तंत्र और विदेशी छात्रों से जुड़े नियमों को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
Author: Shivam Verma
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