Translate Your Language :

Breaking News
Delhi: केजरीवाल समेत 6 AAP नेताओं को हाई कोर्ट का नोटिस, जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ टिप्पणी मामले में अवमानना कार्यवाही West Bengal: अभिषेक बनर्जी के हस्ताक्षर वाला पत्र खारिज, बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष को लेकर विवाद गहराया ट्विशा शर्मा केस: पोस्टमार्टम में बड़ी लापरवाही, सबूतों पर उठे सवाल; जांच में सामने आईं कई नई बातें क्या भारत में शुरू हो गया पेट्रोल संकट? चंडीगढ़ के पेट्रोल पंप पर लगे नोटिस से मचा हड़कंप, दूसरी बार बढ़े ईंधन के दाम Baghpat News: बागपत में युवक की बेरहमी से पिटाई, सरेआम गुंडागर्दी का CCTV वीडियो वायरल Kushinagar News: राष्ट्रहित में बुलियन खरीद से बचने की अपील, कुशीनगर में सर्राफा व्यापारियों संग हुई उच्चस्तरीय बैठक
Delhi: केजरीवाल समेत 6 AAP नेताओं को हाई कोर्ट का नोटिस, जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ टिप्पणी मामले में अवमानना कार्यवाही West Bengal: अभिषेक बनर्जी के हस्ताक्षर वाला पत्र खारिज, बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष को लेकर विवाद गहराया ट्विशा शर्मा केस: पोस्टमार्टम में बड़ी लापरवाही, सबूतों पर उठे सवाल; जांच में सामने आईं कई नई बातें क्या भारत में शुरू हो गया पेट्रोल संकट? चंडीगढ़ के पेट्रोल पंप पर लगे नोटिस से मचा हड़कंप, दूसरी बार बढ़े ईंधन के दाम Baghpat News: बागपत में युवक की बेरहमी से पिटाई, सरेआम गुंडागर्दी का CCTV वीडियो वायरल Kushinagar News: राष्ट्रहित में बुलियन खरीद से बचने की अपील, कुशीनगर में सर्राफा व्यापारियों संग हुई उच्चस्तरीय बैठक
Home » ट्रेंडिंग » ट्विशा शर्मा केस: पोस्टमार्टम में बड़ी लापरवाही, सबूतों पर उठे सवाल; जांच में सामने आईं कई नई बातें

ट्विशा शर्मा केस: पोस्टमार्टम में बड़ी लापरवाही, सबूतों पर उठे सवाल; जांच में सामने आईं कई नई बातें

Facebook
X
WhatsApp

भोपाल में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। हर नए खुलासे के साथ कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आई जानकारी ने भोपाल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं, वहीं परिवार और ससुराल पक्ष के आरोप-प्रत्यारोप ने मामले को और जटिल बना दिया है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

पोस्टमार्टम के दौरान बेल्ट नहीं पहुंचाने पर उठे सवाल

भोपाल एम्स की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि जिस बेल्ट से ट्विशा के फांसी लगाने की बात कही जा रही है, उसे पुलिस ऑटोप्सी के समय डॉक्टरों के पास लेकर ही नहीं गई। इसके कारण डॉक्टर यह जांच नहीं कर पाए कि ट्विशा के गले पर मिले निशान उसी बेल्ट के हैं या नहीं।

इस लापरवाही के बाद सबूतों से छेड़छाड़ की आशंकाएं भी सामने आने लगी हैं। मामले की जांच कर रही एसआईटी के प्रमुख और मिसरोद के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) रजनीश कश्यप ने माना कि जांच अधिकारी से यह बड़ी चूक हुई है। उन्होंने बताया कि बाद में बेल्ट को फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को सौंपकर एम्स भोपाल में जमा कराया गया।

बिना पुलिस को सूचना दिए अस्पताल क्यों ले जाया गया शव?

ट्विशा का शव भोपाल के कटरा हिल्स स्थित उसके ससुराल में फंदे से लटका मिला था। जानकारी के मुताबिक, उसकी सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और पति समर्थ उसे उस हालत में अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

अब इस बात को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि पुलिस को मौके पर बुलाए बिना शव को अस्पताल क्यों ले जाया गया। इस वजह से घटनास्थल की तत्काल जांच नहीं हो सकी। ACP रजनीश कश्यप ने कहा कि यह जांच का बेहद अहम पहलू है और पुलिस घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि किन परिस्थितियों में शव को अस्पताल पहुंचाया गया।

ससुराल और मायके पक्ष के आरोपों से उलझी जांच

ट्विशा के माता-पिता ने उसकी सास और पति पर दहेज के लिए हत्या करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर जांच को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं।

वहीं दूसरी ओर गिरिबाला सिंह ने भी ट्विशा और उसके परिवार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि ट्विशा को नशे की लत थी और उसने प्रेग्नेंसी के दौरान भी भारी मात्रा में नशा किया था। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि ट्विशा ने खुद डॉक्टर के सामने यह बात स्वीकार की थी और इसी वजह से वह प्रेग्नेंसी टर्मिनेट करवाना चाहती थी।

गिरिबाला सिंह ने यह भी कहा कि बाद में ट्विशा को अपनी गलती का एहसास हुआ था, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उन्होंने यह दावा भी किया कि ट्विशा मानसिक रूप से बीमार थी। हालांकि पुलिस का कहना है कि अब तक ऐसे कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं जो इन दावों की पुष्टि करते हों।

दहेज के आरोपों पर रिटायर्ड जज का जवाब

दहेज प्रताड़ना के आरोपों पर गिरिबाला सिंह ने कुछ ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की रसीदें भी सामने रखीं। उन्होंने दावा किया कि वह ट्विशा की जरूरतों के लिए लगातार पैसे भेजती थीं। इन ट्रांजैक्शनों में 5 हजार रुपये से लेकर 50 हजार रुपये तक की रकम शामिल बताई गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले पांच महीनों में ट्विशा के माता-पिता उससे मिलने तक नहीं आए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अब उसकी मौत के बाद परिवार अंतिम संस्कार नहीं होने दे रहा है।

गिरिबाला सिंह ने यह आरोप भी लगाया कि ट्विशा को कम उम्र में ग्लैमर की दुनिया में धकेल दिया गया था, जिससे वह मानसिक दबाव में रहती थी। जिला अदालत में बेटे समर्थ सिंह की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका में भी कहा गया है कि ट्विशा नशे की आदी थी और नशा न मिलने पर उसका व्यवहार चिड़चिड़ा हो जाता था तथा उसके हाथ-पांव कांपने लगते थे।

उन्होंने कहा कि ट्विशा की मौत उनके परिवार के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं है क्योंकि वह परिवार का हिस्सा थी।

सोशल मीडिया चैट्स ने बढ़ाई विवाद की गंभीरता

इस मामले में सोशल मीडिया पर ट्विशा और उसकी मां के बीच हुई कथित चैट्स के स्क्रीनशॉट भी वायरल हो रहे हैं। इन चैट्स में ट्विशा अपनी मां से उसे वापस ले जाने की गुहार लगाती दिखाई दे रही है।

एक चैट में उसने लिखा कि उसकी जिंदगी “नर्क” बन चुकी है और उसे वहां से ले जाया जाए। दूसरी चैट में उसने आरोप लगाया कि उसका पति समर्थ उस पर शक कर रहा था और पूछ रहा था कि “किसका बच्चा था जो अबॉर्ट कराया।”

चैट्स में यह भी दावा किया गया कि समर्थ, ट्विशा के पिता से माफी मंगवाना चाहता था। इस बीच समर्थ सिंह अभी भी फरार बताया जा रहा है। उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो चुकी है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। उस पर इनाम भी घोषित किया गया है।

मौत से पहले रात तक रिश्तेदारों के संपर्क में थी ट्विशा

रिश्तेदारों के अनुसार, मौत वाले दिन रात करीब 10 बजे तक ट्विशा उनके संपर्क में थी। इसके बाद 12 मई को उसका शव फंदे से लटका मिला।

दोबारा पोस्टमार्टम की मांग तेज

ट्विशा का शव अभी भी भोपाल स्थित एम्स के शवगृह में रखा हुआ है। परिवार ने दिल्ली स्थित एम्स में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की है।

समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका में दावा किया गया है कि गर्भवती होने के बाद ट्विशा का अपने ससुराल वालों के प्रति व्यवहार बदल गया था। याचिका में यह भी कहा गया कि घटना वाले दिन उसका पति उसे ब्यूटी पार्लर लेकर गया था। इसमें ट्विशा के गर्भपात का भी उल्लेख किया गया है। यह जमानत याचिका सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी है।

चचेरी बहन ने लगाए मानसिक प्रताड़ना के आरोप

ट्विशा की चचेरी बहन मीनाक्षी ने दावा किया कि ससुराल पक्ष की प्रताड़ना और मानसिक यातना के कारण ट्विशा का वजन 15 किलोग्राम तक कम हो गया था। उन्होंने कहा कि जब ट्विशा की नौकरी चली गई और वह गर्भवती हुई, तब उत्पीड़न और बढ़ गया।

मीनाक्षी का आरोप है कि समर्थ ने बच्चे को स्वीकार करने से भी इनकार कर दिया था।

एसआईटी करेगी सभी आरोपों की जांच

अधिकारियों के अनुसार, एसआईटी अब दहेज उत्पीड़न, शारीरिक हमले और सबूत मिटाने की कोशिशों से जुड़े सभी आरोपों की जांच करेगी। रविवार को ट्विशा शर्मा के परिवार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के आवास के बाहर प्रदर्शन किया और दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग उठाई।

Shivam Verma
Author: Shivam Verma

Description

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताजा खबरें