ग्लोबल टेक मार्केट में सोमवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। आईफोन बनाने वाली दिग्गज कंपनी एपल ने एक बार फिर दुनिया की सबसे मूल्यवान पब्लिकली ट्रेडेड कंपनी का खिताब अपने नाम कर लिया है। बाजार में एपल के शेयरों में आई 1 प्रतिशत की तेजी के बाद इसका मार्केट कैप बढ़कर 4.95 ट्रिलियन डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है। इस उछाल ने एनवीडिया को पछाड़ते हुए एपल को टॉप पर पहुंचा दिया है, जिससे वैश्विक तकनीकी दिग्गजों के बीच वर्चस्व की जंग और तेज हो गई है।
दूसरी तरफ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में दबदबा रखने वाली कंपनी एनवीडिया के शेयरों में करीब 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट के साथ एनवीडिया का मार्केट कैपिटलाइजेशन गिरकर 4.77 ट्रिलियन डॉलर रह गया है। जानकारों का मानना है कि एआई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और उनके फाइनेंसिंग मॉडल को लेकर बढ़ी नियामक जांच की वजह से निवेशकों के बीच घबराहट बढ़ी है, जिसका असर एनवीडिया के स्टॉक प्रदर्शन पर साफ दिखाई दे रहा है।
एपल की इस वापसी के पीछे उसकी रणनीतिक सोच का बड़ा हाथ है। जहां माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और एनवीडिया जैसी कंपनियां एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर्स पर अरबों डॉलर खर्च कर रही हैं, वहीं एपल ने अपेक्षाकृत कम कैपिटल खर्च के बावजूद अपनी एआई क्षमताओं को बेहतर बनाया है। कंपनी ने अपने डिवाइसेज और ‘एपल इंटेलिजेंस’ के जरिए एआई को ग्राहकों तक पहुंचाने का जो रास्ता चुना है, उसने बाजार में उनकी विश्वसनीयता और फ्री कैश फ्लो को मजबूती प्रदान की है।
अब सभी की नजरें 30 जुलाई को होने वाली एपल की तीसरी तिमाही की अर्निंग्स कॉल पर टिकी हैं। यह पहली बार होगा जब कंपनी जून में पेश किए गए नए सिरी (Siri) और लेटेस्ट एआई फीचर्स के बाद अपने वित्तीय नतीजों को साझा करेगी। निवेशक यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि क्या एपल अपने कम खर्चीले एआई मॉडल के साथ ऑपरेटिंग मार्जिन और भविष्य के विकास को किस तरह संतुलित रखती है।
वहीं दूसरी ओर, एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के लिए यह दौर मुश्किलों भरा साबित हो रहा है। लगातार 16 ट्रेडिंग सेशन में 13वीं बार गिरावट दर्ज करते हुए स्पेसएक्स के शेयरों ने निवेशकों को चिंता में डाल दिया है। कंपनी का शेयर अपने आईपीओ प्राइस से 16 प्रतिशत नीचे फिसल चुका है। लिस्टिंग के बाद से अब तक कंपनी की मार्केट वैल्यू में 1.2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की कमी आई है, जिससे बाजार में स्पेसएक्स के भविष्य को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
Author: Shivam Verma
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