Jharkhand News: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली का मामला अब और गंभीर हो गया है। इस पूरे प्रकरण में केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आधिकारिक रूप से अपनी एंट्री कर ली है। एजेंसी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत केस दर्ज कर लिया है, जिससे राज्य में प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय ने करीब एक सप्ताह पहले ही इस भर्ती घोटाले में केस फाइल किया था। अब ईडी इस बात की बारीकी से जांच करेगी कि परीक्षा प्रक्रिया के दौरान पैसों का अवैध लेनदेन किस तरह हुआ और इसमें कौन-कौन से अधिकारी या बिचौलिए शामिल थे। एजेंसी मुख्य रूप से भर्ती परीक्षाओं में हुई आर्थिक धांधली के सबूत जुटाने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है।
झारखंड में छात्रों का एक बड़ा वर्ग लंबे समय से परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर सीबीआई जांच की मांग कर रहा था। इसी कड़ी में 9 अगस्त को राज्य सरकार और छात्र प्रतिनिधिमंडल के बीच वार्ता भी हुई थी। इस बैठक के दौरान राज्य सरकार ने छात्रों के सामने यह प्रस्ताव रखा था कि वे सीबीआई जांच के बजाय वित्तीय गड़बड़ी की जांच ईडी से करवाने के लिए तैयार हैं।
दूसरी तरफ, छात्र अपनी मांगों पर पूरी तरह अड़े हुए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे सीबीआई जांच से कम कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे। हालांकि, सरकार का तर्क है कि जेएसएससी-सीजीएल जैसी परीक्षाएं अदालत की निगरानी में हुई हैं, इसलिए सीबीआई जांच का अधिकार उनके पास नहीं है। सरकार ने इसके बदले सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाने और फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए रिपोर्ट देने का आश्वासन भी दिया है, जिसे छात्रों ने फिलहाल खारिज कर दिया है।
अब देखना यह होगा कि ईडी की जांच का दायरा कितना बड़ा होता है और इसमें किन बड़े नामों का खुलासा होता है। इस मामले ने न केवल राज्य की सियासत को गरमा दिया है, बल्कि सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के भविष्य पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसी की सक्रियता से अब दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।
Author: Shivam Verma
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