Home » बिज़नेस » महंगाई का डबल अटैक- अगले महीने से तेल-साबुन और बिस्किट-ब्रेड होंगे और महंगे, कंपनियों ने दिए संकेत

महंगाई का डबल अटैक- अगले महीने से तेल-साबुन और बिस्किट-ब्रेड होंगे और महंगे, कंपनियों ने दिए संकेत

Facebook
X
WhatsApp

आम आदमी की रसोई का बजट आने वाले दिनों में और अधिक बिगड़ने वाला है। एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर की दिग्गज कंपनियों ने संकेत दिए हैं कि सितंबर महीने से रोजमर्रा के इस्तेमाल वाली वस्तुओं की कीमतों में इजाफा किया जा सकता है। जून तिमाही में कीमतों में पहले ही बढ़ोतरी देख चुके ग्राहकों को अब एक और महंगाई का झटका झेलने के लिए तैयार रहना होगा।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्रिटानिया, हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL), डाबर और गोदरेज जैसी प्रमुख कंपनियों ने कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक स्तर पर चल रहे तनाव को इसकी मुख्य वजह बताया है। कंपनियों का कहना है कि इनपुट कॉस्ट में हो रही बढ़ोतरी के कारण उनके मार्जिन पर दबाव बढ़ रहा है, जिसे संतुलित करने के लिए अब वे कीमतें बढ़ाने या उत्पादों के वजन में कटौती करने की योजना बना रही हैं।

खासकर बिस्किट बनाने वाली कंपनी ब्रिटानिया ने संकेत दिए हैं कि 5 रुपये और 10 रुपये वाले पैकेट्स की कीमतों में लगभग 1.5 से 2 फीसदी तक की अतिरिक्त वृद्धि की जा सकती है। कंपनी का मानना है कि चीनी और पाम ऑयल जैसे जरूरी कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के कारण यह कदम उठाना अनिवार्य हो गया है, ताकि मुनाफे के स्तर को बरकरार रखा जा सके।

वहीं, डाबर इंडिया और हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसी कंपनियां भी अपनी रणनीति में बदलाव कर रही हैं। एचयूएल के प्रबंधन ने भी स्पष्ट किया है कि वे सितंबर तिमाही में बाजार की स्थितियों का आकलन करते हुए कीमतों में उचित संशोधन जारी रखेंगे। गौरतलब है कि इन कंपनियों ने वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भी उत्पादों की कीमतों में 2 से 5 फीसदी तक का इजाफा किया था, जिसका असर सीधे तौर पर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ा था।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहा, तो इसका असर केवल एफएमसीजी उत्पादों तक ही सीमित नहीं रहेगा। आने वाले त्योहारी सीजन से पहले आम उपभोक्ताओं के लिए यह महंगाई का एक बड़ा कारण साबित हो सकता है। फिलहाल, कंपनियां कमोडिटी की लागत पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं ताकि वे अपनी बिक्री और लाभ के बीच सही संतुलन बना सकें।

Shivam Verma
Author: Shivam Verma

Description

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताजा खबरें