Ranchi Assembly March: झारखंड की राजधानी रांची में रविवार को हुई मैराथन वार्ता के विफल होने के बाद, नाराज छात्रों ने अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सोमवार को विधानसभा घेराव शुरू कर दिया है। जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में हुई धांधलियों के खिलाफ लामबंद हुए छात्र हजारों की संख्या में पुरानी विधानसभा से नई विधानसभा की ओर शांतिपूर्ण मार्च कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों के हाथों में बैनर और पोस्टर हैं, जिन पर सरकार के खिलाफ उनकी नाराजगी साफ झलक रही है।
राज्य प्रशासन ने इस प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में सुरक्षा की दृष्टि से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 163 लागू कर दी गई है। पूरे रूट पर 2,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है और पांच स्थानों पर मजबूत बैरिकेडिंग की गई है ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि उपद्रव फैलाने वाले छात्रों के भविष्य पर कानूनी कार्रवाई का असर पड़ सकता है, वहीं निगरानी के लिए पेंटबॉल गन का उपयोग किया जाएगा।
सरकार की ओर से दावा किया गया है कि छात्रों की 98 फीसदी मांगें मान ली गई हैं, जिसमें कुछ परीक्षाओं को रद्द करना और जांच समिति बनाना शामिल है। हालांकि, छात्र जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने और इस पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की अपनी मुख्य मांग पर अड़े हुए हैं। सरकार का कहना है कि यह मामला कोर्ट की निगरानी में था, इसलिए वह सीधे तौर पर सीबीआई जांच का आदेश नहीं दे सकती।
इस बीच, विपक्षी दल बीजेपी ने भी छात्रों के इस आंदोलन को अपना नैतिक समर्थन दिया है। बीजेपी नेताओं ने राज्य सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि छात्रों का आक्रोश जायज है और सरकार को अपनी जिद छोड़कर छात्रों की मांगें बिना शर्त मान लेनी चाहिए। छात्रों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी मांगों को लिखित रूप से स्वीकार नहीं किया जाता और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शी बदलाव नहीं होते, तब तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।
आंदोलन की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जेपीएससी के तीन सदस्यों ने भी अपना इस्तीफा सौंप दिया है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने किसी भी तरह के उकसावे में न आने की अपील की है और अपने शांतिपूर्ण आंदोलन को तब तक जारी रखने का संकल्प लिया है, जब तक सरकार उनकी प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं जता देती। फिलहाल पूरे क्षेत्र में तनाव और गहमागहमी का माहौल बना हुआ है।
Author: Shivam Verma
Description










