Uttarakhand News: उत्तराखंड सरकार ने आगामी त्योहारों के सीजन को देखते हुए प्रदेश भर में मिलावटखोरों और जमाखोरों के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। रक्षा बंधन, जन्माष्टमी, नवरात्रि और दीपावली जैसे त्यौहारों के दौरान बाजार में मिठाइयों और खाद्य पदार्थों में मिलावट की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में सघन जांच के निर्देश दिए हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों में स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं ताकि आम जनता को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री मिल सके।
इस प्रवर्तन अभियान के तहत डिविजनल कमिश्नरों को सीधे निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी प्रतिष्ठानों, दुकानों और गोदामों की बारीकी से जांच करें। छापेमारी के दौरान यदि कोई दुकानदार घटिया, एक्सपायर हो चुका या मिलावटी सामान बेचता पाया जाता है, तो उसे मौके पर ही नष्ट किया जा रहा है। इसके अलावा, नियमों को ताक पर रखने वाले व्यापारियों को तत्काल प्रभाव से कानूनी नोटिस भेजे जा रहे हैं और कई गंभीर मामलों में तो न्यायालय में मुकदमे भी दर्ज कराए जा रहे हैं।
राजधानी देहरादून से लेकर दूरदराज के जिलों जैसे चंपावत, पौड़ी और उत्तरकाशी तक जांच का दायरा बढ़ाया गया है। अब तक सैकड़ों प्रतिष्ठानों की जांच की जा चुकी है और बड़ी संख्या में सैंपल लेकर उन्हें लैब परीक्षण के लिए भेजा गया है। विशेष रूप से मिठाइयों के नमूनों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, क्योंकि त्यौहारों के दौरान इनमें मिलावट की आशंका सबसे अधिक रहती है। नैनीताल और अन्य क्षेत्रों में भारी मात्रा में खराब गुणवत्ता वाली मिठाइयों को अधिकारियों ने जब्त कर नष्ट भी किया है।
सरकार जमाखोरों पर भी नकेल कसने की तैयारी में है। चीनी जैसी जरूरी वस्तुओं की जमाखोरी और घरेलू एलपीजी सिलेंडर के व्यावसायिक उपयोग की जांच के लिए विशेष निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि त्यौहार के नाम पर मुनाफाखोरी करने वालों को कतई बख्शा नहीं जाएगा। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के सहयोग से मोबाइल टेस्टिंग लैब के जरिए भी मौके पर ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांची जा रही है।
खाद्य सुरक्षा के मानकों का उल्लंघन करने वाले दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का प्रावधान है। नए नियमों के तहत, गंभीर मिलावट के मामलों में भारी जुर्माने के साथ-साथ उम्रकैद तक की सजा सुनाई जा सकती है। सरकार का यह जीरो-टॉलरेंस मिशन यह सुनिश्चित करने के लिए है कि प्रदेशवासी आने वाले त्योहारों का आनंद बिना किसी स्वास्थ्य जोखिम के ले सकें। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध खाद्य पदार्थ की जानकारी तुरंत विभाग को दें।
Author: Shivam Verma
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