Akhilesh Yadav: देशभर में शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पांच दिवसीय विदेश दौरे से पहले ईंधन की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी ने आम आदमी को बड़ा झटका दिया है। बढ़ती महंगाई को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर निशाना साध रहा है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर साधा निशाना
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट साझा करते हुए सरकार पर तंज कसा। उन्होंने एक कार्टून तस्वीर शेयर की, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील “पेट्रोल कम खर्च करें” पर कटाक्ष किया गया था।
अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में लिखा कि “हमने तो पहले ही कहा है कि साइकिल से बेहतर कुछ नहीं।” इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि “आगे बढ़ना है तो साइकिल ही विकल्प है।” सपा प्रमुख का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया।
आगे बढ़ना है तो साइकिल ही विकल्प है। pic.twitter.com/FDDpykbGrr
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 15, 2026
कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने भी सरकार को घेरा
पेट्रोल और डीजल के दामों में तीन रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी पर कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा।
इमरान प्रतापगढ़ी ने लिखा कि “उधर मोदी जी विदेश यात्रा पर गए, इधर पूरे देश को पेट्रोल और डीजल की महंगाई का तोहफा दे दिया।” उन्होंने हाल ही में संपन्न हुए चुनावों का जिक्र करते हुए कटाक्ष किया कि “काश अभी तक चुनाव ही चल रहे होते तो शायद पेट्रोल और डीजल महंगा ही न होता।”
उधर मोदी जी विदेश यात्रा पर गये और इधर देश को पेट्रोल और डीज़ल की मंहगाई का तोहफ़ा देकर गये।
काश अभी तक चुनाव चल रहे होते तो पेट्रोल डीज़ल मंहगा ना होता। pic.twitter.com/HdohUlqUcZ
— Imran Pratapgarhi (@ShayarImran) May 15, 2026
दूध की कीमतों में भी बढ़ोतरी से बढ़ी चिंता
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से पहले ही आम लोगों को दूध के दाम बढ़ने का झटका लग चुका था। देश की दो बड़ी डेयरी कंपनियों अमूल और मदर डेयरी ने बीते बुधवार को दूध की कीमतों में 2 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की थी।
लगातार बढ़ती महंगाई के कारण आम आदमी के घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। पेट्रोल-डीजल और दूध जैसी रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतों में इजाफे ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।
Author: Shivam Verma
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